नारी डेस्क : शॉर्ट ड्रेस, स्कर्ट या शॉर्ट्स पहनना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन कई बार घुटनों का कालापन आत्मविश्वास कम कर देता है। चेहरे और हाथों की देखभाल पर तो लोग खूब ध्यान देते हैं, लेकिन घुटनों और कोहनियों की स्किन अक्सर नजरअंदाज हो जाती है। इसका नतीजा यह होता है कि समय के साथ इन हिस्सों की त्वचा काली, रूखी और बेजान दिखने लगती है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान स्किनकेयर टिप्स अपनाकर घुटनों की रंगत को बेहतर बनाया जा सकता है।
क्यों होता है घुटनों पर कालापन?
घुटनों का कालापन एक आम समस्या है, जो कई कारणों से हो सकती है। लगातार घर्षण, त्वचा का रूखापन और डेड स्किन का जमा होना इसके मुख्य कारण माने जाते हैं। लंबे समय तक घुटनों के बल बैठना, फर्श पर काम करना या बार-बार दबाव पड़ना भी त्वचा को मोटा और काला बना सकता है। इसके अलावा धूप के संपर्क में रहना और त्वचा में नमी की कमी भी इस समस्या को बढ़ा सकती है।

एक्सफोलिएशन से मिल सकती है राहत
अगर आप काले घुटनों की समस्या से परेशान हैं, तो सबसे पहले नियमित एक्सफोलिएशन (Exfoliation) पर ध्यान दें। एक्सफोलिएशन का मतलब है त्वचा पर जमा डेड स्किन सेल्स को हटाना। जब मृत त्वचा हटती है, तो नई और साफ त्वचा उभरकर सामने आती है, जिससे घुटनों की रंगत धीरे-धीरे बेहतर दिखाई देने लगती है। हालांकि, स्क्रब का इस्तेमाल बहुत ज्यादा नहीं करना चाहिए। सप्ताह में 1 से 2 बार हल्के स्क्रब से एक्सफोलिएशन करना सहीं माना जाता है। जरूरत से ज्यादा स्क्रब करने पर त्वचा में जलन और रूखापन बढ़ सकता है।
मॉइस्चराइजिंग को न करें नजरअंदाज
घुटनों की त्वचा को मुलायम और स्वस्थ बनाए रखने के लिए मॉइस्चराइजिंग बेहद जरूरी है। अक्सर लोग शरीर के इस हिस्से पर मॉइस्चराइजर लगाना भूल जाते हैं, जिससे त्वचा और अधिक ड्राई हो जाती है। रोजाना नहाने के बाद और रात को सोने से पहले अच्छी क्वालिटी का मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा में नमी बनी रहती है और उसका टेक्सचर बेहतर होता है। नियमित मॉइस्चराइजिंग से त्वचा का रूखापन कम होता है और कालापन भी धीरे-धीरे हल्का पड़ सकता है।

इन स्किनकेयर इंग्रीडिएंट्स का भी ले सकते हैं सहारा
स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ ऐसे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स भी मददगार हो सकते हैं जिनमें ग्लाइकोलिक एसिड, विटामिन-सी और साइट्रस एक्सट्रैक्ट्स जैसे तत्व मौजूद हों।
ग्लाइकोलिक एसिड डेड स्किन को हटाने में मदद करता है।
विटामिन-सी त्वचा को ब्राइट और एक समान दिखाने में सहायक माना जाता है।
साइट्रस आधारित तत्व त्वचा की रंगत सुधारने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि, किसी भी नए प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है।
धूप से बचाव भी है जरूरी
घुटनों का कालापन कम करने के लिए सिर्फ स्किनकेयर ही नहीं, बल्कि धूप से बचाव भी जरूरी है। यदि आप शॉर्ट्स या ड्रेस पहनते हैं, तो घुटनों पर भी सनस्क्रीन लगाएं। इससे त्वचा को यूवी किरणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।