नारी डेस्क : टीवी इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री दलजीत कौर इन दिनों भले ही छोटे पर्दे से दूर हों, लेकिन उनकी निजी जिंदगी लगातार सुर्खियों में बनी रहती है। प्रोफेशनल करियर में सफलता हासिल करने वाली दलजीत ने अपनी पर्सनल लाइफ में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। दो शादियां टूटने और रिश्तों में मिले गहरे दर्द के बाद अब उन्होंने पहली बार खुलकर बताया है कि क्या वह भविष्य में तीसरी शादी या दोबारा प्यार को मौका देना चाहेंगी।
तीसरी शादी पर क्या बोलीं दलजीत कौर?
हाल ही में Pinkvilla को दिए एक इंटरव्यू में दलजीत कौर ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह फिर से प्यार में पड़ना या शादी करना चाहेंगी, तो उन्होंने साफ कहा कि फिलहाल उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है। दलजीत ने कहा कि उन्होंने प्यार का एक बेहद मुश्किल और दर्दनाक रूप देखा है। ऐसे में इस समय वह किसी नए रिश्ते के बारे में सोच भी नहीं सकतीं। उन्होंने यह भी कहा कि शायद 15–20 साल बाद, जब उनकी उम्र 60 या 70 साल होगी, तब वह इस बारे में सोचें, लेकिन अभी उनकी प्राथमिकताएं बिल्कुल अलग हैं।

पहली शादी शालीन भनोट से हुई थी
दलजीत कौर ने साल 2009 में टीवी अभिनेता शालीन भनोट से शादी की थी। इस शादी से उनका एक बेटा भी है। हालांकि, कुछ वर्षों बाद दोनों के रिश्ते में दूरियां बढ़ गईं और साल 2015 में दोनों का तलाक हो गया। तलाक के बाद दलजीत ने अपने बेटे की परवरिश पर ध्यान दिया और फिर जिंदगी को दूसरा मौका देने का फैसला किया।
दूसरी शादी भी ज्यादा समय नहीं चली
साल 2023 में दलजीत कौर ने केन्या के बिजनेसमैन निखिल पटेल से शादी की। शादी के बाद वह केन्या शिफ्ट हो गईं और नई जिंदगी की शुरुआत की, लेकिन यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया। शादी के करीब 10 महीने बाद दोनों अलग हो गए। दलजीत ने अपने दूसरे पति पर बेवफाई और भरोसा तोड़ने के आरोप लगाए थे। इंटरव्यू में बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि शादी करके विदेश ले जाना और फिर किसी दूसरी महिला के साथ रिश्ता बना लेना उनके जीवन का बेहद दर्दनाक अनुभव था।

रिश्तों और समाज पर रखी अपनी राय
दलजीत कौर का मानना है कि किसी भी रिश्ते की नींव प्यार से पहले सम्मान और इंसानियत पर टिकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर रिश्ते में एक-दूसरे के लिए सम्मान नहीं है, तो वह ज्यादा समय तक नहीं चल सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार लोगों की परवरिश और सोच उनके रिश्तों में व्यवहार को प्रभावित करती है, इसलिए हर रिश्ते में जिम्मेदारी और ईमानदारी बेहद जरूरी है।
डिप्रेशन के दौर से भी गुजरीं
अपने जीवन के कठिन दौर को याद करते हुए दलजीत ने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब वह डिप्रेशन में चली गई थीं। वह घंटों अंधेरे कमरे में अकेली बैठी रहती थीं और किसी से बात करने का मन नहीं करता था। हालांकि, समय के साथ उन्होंने खुद को संभाला। उन्होंने ट्रैवल करना शुरू किया, प्रकृति के बीच समय बिताया और धीरे-धीरे मानसिक रूप से मजबूत बनकर अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाया।

बेटे और काम पर है पूरा फोकस
दलजीत का कहना है कि कुछ घाव समय के साथ भर जरूर जाते हैं, लेकिन उनके निशान हमेशा रह जाते हैं। फिलहाल वह अपने बेटे, अपने बिजनेस और अपने करियर पर पूरा ध्यान दे रही हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि इस समय उनकी जिंदगी में किसी नए रिश्ते के लिए जगह नहीं है।