14 AUGFRIDAY2026 4:50:08 PM
Nari

लड़कियों के निप्पल क्यों पड़ जाते हैं काले, जानें इसके कारण और घरेलू नुस्खे

  • Edited By Monika,
  • Updated: 14 Aug, 2026 02:03 PM
लड़कियों के निप्पल क्यों पड़ जाते हैं काले, जानें इसके कारण और घरेलू नुस्खे

नारी डेस्क : निप्पल और एरिओला यानी निप्पल के आसपास की त्वचा का रंग हर महिला में अलग हो सकता है। किसी का रंग हल्का भूरा होता है तो किसी का गहरा। इसलिए निप्पल का डार्क होना हमेशा किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। उम्र, हार्मोनल बदलाव, प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग जैसी कई सामान्य वजहों से इसका रंग गहरा हो सकता है। हालांकि, अगर रंग में अचानक बदलाव के साथ गांठ, दर्द, खून या असामान्य डिस्चार्ज जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। जानें निप्पल काले क्यों हो जाते हैं।

त्वचा का प्राकृतिक रंग और जेनेटिक्स

कई महिलाओं में निप्पल और एरिओला का रंग स्वाभाविक रूप से शरीर की बाकी त्वचा से गहरा होता है। इसमें जेनेटिक्स और त्वचा में मौजूद मेलेनिन की मात्रा की बड़ी भूमिका होती है। इसे किसी समस्या का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।

PunjabKesari

प्रेग्नेंसी (Pregnancy)

प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स में बदलाव के कारण त्वचा में मेलेनिन का उत्पादन बढ़ सकता है। इससे निप्पल और एरिओला का रंग पहले की तुलना में गहरा दिखाई दे सकता है। यह आमतौर पर सामान्य बदलाव है।

हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन (Hormonal contraception)

कुछ हार्मोनल गर्भनिरोधक शरीर में हार्मोन के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ महिलाओं में इसके कारण त्वचा के पिगमेंटेशन में बदलाव दिखाई दे सकता है। अगर किसी दवा को शुरू करने के बाद ऐसा बदलाव नजर आए, तो डॉक्टर से बात करें।

यें भी पढ़ें : इन 9 आकार के होते है महिलाओं के स्तन, किस Breast Shapes के लिए कौन-सी Bra रहेगी फिट

ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding)

बच्चे को स्तनपान कराने के दौरान निप्पल और एरिओला का रंग गहरा होना काफी सामान्य है। हार्मोनल बदलाव के अलावा बार-बार घर्षण के कारण भी त्वचा में बदलाव दिखाई दे सकता है।

PunjabKesari

प्यूबर्टी (Puberty)

यौवनावस्था के दौरान लड़कियों के शरीर में तेजी से हार्मोनल बदलाव होते हैं। इसी दौरान ब्रेस्ट का विकास होता है और एरिओला का आकार व रंग भी बदल सकता है। इसलिए किशोरावस्था में निप्पल का गहरा होना सामान्य हो सकता है।

घर्षण और त्वचा में जलन

बहुत टाइट ब्रा या कपड़ों से लगातार रगड़ होने पर निप्पल के आसपास की त्वचा में जलन या पिगमेंटेशन बढ़ सकता है। इसलिए आरामदायक और सही फिटिंग वाले कपड़े पहनना बेहतर है।

यें भी पढ़ें : बड़े ब्रेस्ट वाली महिलाओं में आम हैं ये 4 परेशानियां, जानें कारण

क्या काले निप्पल ब्रेस्ट कैंसर का संकेत हैं?

सिर्फ निप्पल का रंग गहरा होना आमतौर पर ब्रेस्ट कैंसर का संकेत नहीं माना जाता। लेकिन अगर निप्पल या ब्रेस्ट में अचानक बदलाव के साथ कोई और असामान्य लक्षण दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

PunjabKesari

इन लक्षणों में खासतौर पर ध्यान दें

ब्रेस्ट या बगल में नई गांठ महसूस होना
निप्पल का अचानक अंदर की ओर मुड़ना
निप्पल से खून या असामान्य तरल निकलना
निप्पल या एरिओला की त्वचा पर लगातार पपड़ी, लालिमा या घाव
ब्रेस्ट की त्वचा में असामान्य मोटापन या गड्ढे पड़ना
एक ब्रेस्ट या निप्पल में अचानक और लगातार बदलाव
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

निप्पल का रंग हल्का करने के लिए घरेलू नुस्खे अपनाएं?

1. शहद में दही और थोड़ा-सा नींबू का रस मिलाकर निप्पल्स पर 15 मिनट तक लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें। अगर नींबू सूट नहीं करता तो इसे इस्तेमाल ना करें।
2. बादाम पेस्ट में कच्चा दूध मिलाकर निप्पल पर लगाएं। 15 मिनट बाद ताजे पानी में कपड़े भिगोकर साफ कर लें। इससे निप्पल का रंग गुलाबी हो जाता है।
3. रोजाना रात को सोने से पहले गुलाबजल लगाएं और सुबह साफ कर लें।

PunjabKesari

संवेदनशील त्वचा की ऐसे करें देखभाल

निप्पल और एरिओला पर हार्श साबुन या स्क्रब का इस्तेमाल न करें।
बहुत टाइट कपड़ों या ब्रा से होने वाले लगातार घर्षण से बचें।
त्वचा में सूखापन हो तो डॉक्टर की सलाह से सुरक्षित मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है।
पिगमेंटेशन कम करने वाली क्रीम या स्टेरॉयड क्रीम बिना डॉक्टर की सलाह के न लगाएं।
अगर त्वचा में लगातार खुजली, दर्द, लालिमा या घाव हो तो त्वचा विशेषज्ञ या स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

यें भी पढ़ें : हार्ट अटैक की असली वजह: मीट-तेल नहीं, बल्कि 5 गलत आदतें जो नाइट्रिक ऑक्साइड घटाती हैं

निप्पल का रंग गुलाबी होना जरूरी नहीं है। इसका रंग हल्का भूरा, गहरा भूरा या लगभग काला भी स्वाभाविक हो सकता है। उम्र और हार्मोनल बदलावों के साथ इसका रंग बदलना भी सामान्य है। इसलिए सिर्फ रंग को देखकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर रंग में अचानक बदलाव के साथ गांठ, असामान्य डिस्चार्ज, खून, त्वचा में लगातार बदलाव या निप्पल के आकार में परिवर्तन दिखाई दे, तो डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं।

Related News