
नारी डेस्क: स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में शनिवार को विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में बाबा श्री काशी विश्वनाथ का आकर्षक तिरंगा श्रृंगार किया गया तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता, संप्रभुता और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की गई। इस अवसर पर ध्वजारोहण, विचार-सत्र तथा स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह का शुभारंभ प्रात:काल बाबा श्री काशी विश्वनाथ की मंगला आरती से हुआ।

इस अवसर पर बाबा का केसरिया, श्वेत और हरे रंग के पुष्पों से मनोहारी तिरंगा श्रृंगार किया गया, जिसने राष्ट्रध्वज की भव्य छटा का सजीव दर्शन कराया। मंगला आरती के दौरान राष्ट्र एवं समस्त देशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और कल्याण की विशेष प्रार्थना की गई। इसके पश्चात गंगेश्वर महादेव विग्रह के समीप स्थित प्रशासनिक कार्यालय नीलकंठ भवन में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ध्वजारोहण के बाद स्वतंत्रता दिवस के महत्व तथा राष्ट्र के प्रति नागरिकों के कर्तव्यों पर एक संक्षिप्त विचार-सत्र हुआ, जिसमें मंदिर न्यास के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

वक्ताओं ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही सभी ने ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और सेवाभाव के साथ श्रद्धालुओं की सेवा करते हुए राष्ट्रहित में अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि सभी अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर राष्ट्र के विकास और निर्माण में सक्रिय योगदान दें। न्यास ने कहा कि 'धर्म, सेवा और राष्ट्रभक्ति की त्रिवेणी ही हमारे सांस्कृतिक भारत की पहचान है।