
नारी डेस्क: जान बचाने के लिए अंग दान करना खासकर ऐसे लोगों के लिए जिन्हें आप बिल्कुल नहीं जानते किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे नेक कामों में से एक है। ऐसे में कुछ लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज अंग दान कर सकते हैं या नहीं। डाक्टर बताते हैं कि असल बात यह नहीं है कि व्यक्ति की उम्र क्या है, बल्कि यह है कि उनके अंग कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।
ये लोग कर सकते हैं दान
HT लाइफ़स्टाइल के साथ बातचीत में डॉक्टरों ने बताया कि कई लोग सिर्फ़ अपनी सेहत की स्थिति या उम्र की वजह से अंग दान करने से खुद को दूर रखते हैं। उन्होंने कहा- "आज हेल्थकेयर के क्षेत्र में यह सबसे बड़ी गलतफहमी है। असल बात तो यह है कि हर मामले में डॉक्टर ही तय करते हैं कि किसी व्यक्ति के अंग और टिश्यू दान के लिए उपयुक्त हैं या नहीं और ऐसी बहुत कम स्थितियां होती हैं जिनमें अंग दान को पूरी तरह से खारिज कर दिया जाता है।" अधिक उम्र के लोग और जिन्हें डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है वे भी अंग दान कर सकते हैं, बशर्ते वे दान के लिए तय मानदंडों को पूरा करते हों।
दान करने के नहीं कोई सीमा
डॉक्टरों के अनुसार अंग दान करने के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है। असल बात यह नहीं है कि व्यक्ति की उम्र क्या है, बल्कि यह है कि उनके अंग कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं। डॉक्टरों को अक्सर 60 और 70 की उम्र वाले ऐसे डोनर मिलते हैं जिनके किडनी, लिवर या कॉर्निया बहुत अच्छी हालत में होते हैं और दान के लिए पूरी तरह सही होते हैं। डॉक्टर ने बताया कि मरने वाले बुजुर्ग डोनर के अंग भी ट्रांसप्लांट के लिए काम के हो सकते हैं। इसलिए, यह सोच छोड़ देनी चाहिए कि एक निश्चित उम्र से ज़्यादा उम्र के लोग अंग दान नहीं कर सकते। डाॅक्टर ने बताया कि डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर होने का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति अंग या टिश्यू डोनर नहीं बन सकता। हर अंग की अलग-अलग जांच की जाती है।
दुनिया भर में बढ़ रही है अंगों की कमी
हो सकता है कि लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर की वजह से किसी व्यक्ति का दिल ट्रांसप्लांट के लिए सही न हो, लेकिन उनकी किडनी या लिवर ट्रांसप्लांट के लिए बिल्कुल सही हो सकते हैं। उन्होंने कहा- "ट्रांसप्लांट के लिए कोई अंग या टिश्यू सही है या नहीं, इसका आखिरी फ़ैसला हमेशा डोनेशन के समय डॉक्टर ही करते हैं। वे व्यक्ति की मेडिकल, ट्रैवल और सोशल हिस्ट्री को ध्यान में रखकर यह फ़ैसला लेते हैं।" उन्होंने आगे कहा-, "यह बहुत निराशाजनक होता है जब परिवार वाले यह मान लेते हैं कि उनका कोई अपना सिर्फ़ उम्र या किसी पुरानी बीमारी की वजह से डोनेशन के लिए 'योग्य नहीं' था। चूंकि अंगों की कमी दुनिया भर में हेल्थकेयर की एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, इसलिए यह समझना कि योग्यता उम्र या पुरानी बीमारी के बजाय अंगों के काम करने की क्षमता से तय होती है, डोनर की संख्या बढ़ा सकता है।"