नारी डेस्क : अब तक शराब के नुकसान की बात लिवर, हार्ट और दिमाग तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब इसका एक और गंभीर असर सामने आ रहा है। ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार और अधिक मात्रा में शराब पीने की आदत युवाओं के कूल्हे (Hip Joint) को तेजी से नुकसान पहुंचा रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो रही है कि 35 से 40 साल की उम्र के लोगों को भी हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी करानी पड़ रही है। यदि समय पर इलाज न कराया जाए तो मरीज के लिए चलना-फिरना मुश्किल हो सकता है और वह स्थायी रूप से विकलांग भी हो सकता है। ऐसे मे अब तक कई मामले आ चुके है।
10 साल में 5 गुना बढ़े हिप रिप्लेसमेंट के मामले
हड्डी रोग विशेषज्ञों के अनुसार, करीब 10 साल पहले एक हजार लोगों में केवल 2 से 3 लोगों को हिप रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ती थी। अब यही संख्या बढ़कर 10 से 15 तक पहुंच गई है। यानी पिछले एक दशक में ऐसे मामलों में लगभग 5 गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि पहले सड़क दुर्घटनाओं या सिकल सेल जैसी आनुवंशिक बीमारियों के कारण हिप रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब शराब की लत इसकी बड़ी वजह बनकर सामने आ रही है।

35 वर्षीय युवक को करानी पड़ी सर्जरी
35 वर्षीय एक युवक को लंबे समय से कमर और कूल्हे के बीच वाले हिस्से में दर्द रहता था। चलते समय वह लंगड़ाने लगा था। शुरुआत में स्थानीय डॉक्टर दर्द निवारक दवाएं देते रहे, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिल जाती थी। जब बड़े अस्पताल में एमआरआई (MRI) कराया गया तो पता चला कि उसके हिप जॉइंट की हड्डी काफी हद तक घिस चुकी है। डॉक्टरों ने हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी। मेडिकल हिस्ट्री में सामने आया कि युवक छात्र जीवन से ही शराब का नियमित सेवन करता था।
36 वर्षीय महिला को जमीन पर बैठना हुआ मुश्किल
एक 36 वर्षीय महिला को जमीन पर बैठने और उठने में परेशानी होने लगी। शुरुआत में एक्स-रे रिपोर्ट सामान्य आई, लेकिन दर्द लगातार बढ़ता गया। इसके बाद एमआरआई जांच में पता चला कि कूल्हे की हड्डी और कार्टिलेज गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। बाद में आयुष्मान योजना के तहत उनका हिप रिप्लेसमेंट किया गया। डॉक्टरों ने उन्हें भविष्य में शराब से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी।

कैसे खराब होता है हिप जॉइंट (Hip Joint)?
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक अधिक मात्रा में शराब पीने से हड्डियों तक रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है। इससे हड्डियों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता और धीरे-धीरे कूल्हे की हड्डी कमजोर होकर खराब होने लगती है। कई मामलों में कार्टिलेज भी घिसने लगता है, जिससे मरीज को तेज दर्द, चलने में कठिनाई और लंगड़ापन महसूस होने लगता है। जब स्थिति ज्यादा बिगड़ जाती है, तब हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है।
शराब ही नहीं, स्टेरॉयड (Steroids) का गलत इस्तेमाल भी खतरा
ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक स्टेरॉयड (Steroids) दवाओं का सेवन भी हड्डियों को कमजोर कर सकता है। ऐसे लोगों में भी हिप जॉइंट खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
कूल्हे या कमर के बीच लगातार दर्द रहना।
चलते समय लंगड़ापन महसूस होना।
सीढ़ियां चढ़ने या उतरने में परेशानी।
जमीन पर बैठने और उठने में कठिनाई।
दर्द का लंबे समय तक बने रहना और दवाओं से राहत न मिलना।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर जल्द से जल्द ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों के अनुसार, पहले हिप रिप्लेसमेंट (Replacement) की जरूरत मुख्य रूप से सड़क दुर्घटनाओं या आनुवंशिक बीमारियों के कारण पड़ती थी, लेकिन अब शराब की लत इसकी बड़ी वजह बनती जा रही है। शराब केवल हिप जॉइंट ही नहीं, बल्कि लिवर सहित शरीर के कई अंगों को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि 35 से 40 वर्ष की उम्र में हिप रिप्लेसमेंट की नौबत आना चिंता का विषय है। इसलिए युवाओं को शराब और बिना सलाह स्टेरॉयड दवाओं के सेवन से बचना चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस गंभीर समस्या के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।