
नारी डेस्क: मध्य प्रदेश के गुना में वार्ड 9 और 10 में दूषित पीने के पानी की आशंका के कारण बीमार पड़ने के बाद एक 18 से ज़्यादा बच्चों को ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया। ज़िला प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और बीमारी का कारण पता लगाने के लिए प्रभावित इलाके से पानी के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे हैं। इस घटना ने सभी मां- बाप के मन में बच्चों को लेकर चिंता पैदा कर दी है।
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पानी में मौजूद अशुद्धिया क्या हैं?
पानी में मौजूद अशुद्धियां कोई भी बाहरी चीज़ हो सकती हैं जो हमारी पानी की सप्लाई में मिल जाती हैं। इनमें केमिकल, बैक्टीरिया, वायरस और तलछट (sediment) जैसी चीज़ें शामिल हो सकती हैं। अपने बच्चों को इन ज़हरीली अशुद्धियों से बचाने के लिए आप कुछ चीज़ें कर सकते हैं। पहला, आप अपने घर में वॉटर फ़िल्टर लगवा सकते हैं। कई तरह के फ़िल्टर उपलब्ध हैं, इसलिए आपको अपने लिए सही फ़िल्टर चुनने के लिए थोड़ी रिसर्च करनी होगी। आप अपने बच्चों को सिखा सकते हैं कि वे सिर्फ़ उन कंपनियों का बोतल बंद पानी पिएँ जो पानी को साफ़ करने के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) का इस्तेमाल करती हैं। इस तरह की सफ़ाई प्रक्रिया पानी से सभी अशुद्धियों को हटा देती है।
खुद करें पानी की जांच
आप पानी की जांच करने वाली किट खरीद सकते हैं और खुद पानी की जांच कर सकते हैं। यह पक्का करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आपके पानी में क्या है। EPA के पास सर्टिफ़ाइड लैब की एक लिस्ट है जिसका आप इस्तेमाल कर सकते हैं। आप अपने स्थानीय प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं और उनसे पीने के पानी की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग कर सकते हैं। पीने के पानी में मौजूद अशुद्धियों से अपने बच्चे को बचाने का एक और तरीका है उन्हें साफ़ पानी के महत्व और अपने हाथों और शरीर को ठीक से साफ़ करने के तरीके के बारे में सिखाना। बच्चे को हाइड्रेटेड रहने के लिए दिन भर में खूब पानी पीने के लिए प्रोत्साहित करना भी ज़रूरी है।
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बच्चों की सेहत पर दूषित पानी पीने का असर
दूषित पानी का बच्चों की सेहत पर कई तरह से बुरा असर पड़ सकता है। इनमें पेट और आंतों से जुड़ी बीमारियां जैसे दस्त और उल्टी, और हैजा व टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियां शामिल हो सकती हैं। कुछ मामलों में, दूषित पानी पीने से नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याएं और जन्मजात दोष (पैदा होने के समय की कमियां) भी हो सकते हैं। दूषित पानी पीने से बच्चों के बीमार पड़ने का एक मुख्य कारण हानिकारक बैक्टीरिया और पैरासाइट्स का शरीर में जाना है। इनसे उल्टी और दस्त हो सकते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) हो सकता है और सही समय पर इलाज न मिलने पर जान भी जा सकती है। बच्चे हैजा और टाइफाइड जैसी पानी से फैलने वाली बीमारियों की चपेट में जल्दी आ सकते हैं, जो जानलेवा हो सकती हैं। दूषित पानी से बच्चों की सेहत पर कई अन्य बुरे असर भी पड़ सकते हैं। इनमें स्किन इन्फेक्शन, सांस लेने में दिक्कत और नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचना भी शामिल है।