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कब है वैशाख की पहली एकादशी? जानें व्रत की तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण समय

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 01 Apr, 2026 10:02 AM
कब है वैशाख की पहली एकादशी? जानें व्रत की तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण समय

नारी डेस्क: वैशाख माह की पहली एकादशी को वरूथिनी एकादशी कहा जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है। इतना ही नहीं, इस व्रत का फल हजारों साल की तपस्या के बराबर माना गया है।

 वरूथिनी एकादशी 2026 की सही तारीख

पंचांग के अनुसार, वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 13 अप्रैल 2026 को रात 01:16 बजे से शुरू होकर 14 अप्रैल 2026 को रात 01:08 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर वरूथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) को रखा जाएगा।

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इस साल बन रहे हैं 2 शुभ योग

इस बार वरूथिनी एकादशी का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस दिन दो खास शुभ योग बन रहे हैं शुभ योग: सुबह से लेकर शाम 05:17 बजे तक। इसके बाद शुक्ल योग शुरू होगा। धनिष्ठा नक्षत्र: सुबह से शाम 04:03 बजे तक। इसके बाद शतभिषा नक्षत्र लगेगा। इन शुभ संयोगों में पूजा करने से विशेष फल मिलने की मान्यता है।

 पूजा का शुभ मुहूर्त

वरूथिनी एकादशी के दिन पूजा करने के लिए ये समय सबसे शुभ माने गए हैं सुबह 05:58 बजे से 07:34 बजे तक (अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त) सुबह 09:10 बजे से 10:46 बजे तक (शुभ-उत्तम मुहूर्त)।

इसके अलावा

ब्रह्म मुहूर्त (स्नान के लिए): सुबह 04:28 से 05:13 बजे तक अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:56 से 12:47 बजे तक।

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पारण (व्रत खोलने) का समय

अगर आप 13 अप्रैल को व्रत रखते हैं, तो उसका पारण 14 अप्रैल 2026 को किया जाएगा।

पारण समय: सुबह 06:54 बजे से 08:31 बजे तक

हरि वासर समाप्त: सुबह 06:54 बजे

ध्यान रखें कि पारण हमेशा शुभ समय में ही करना चाहिए।

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इस दिन जरूर करें जल का दान

वैशाख महीने में दान-पुण्य का खास महत्व होता है। खासकर वरूथिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के बाद जल का दान करना बहुत शुभ माना गया है। ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। इस माह में किया गया दान, जप और तप अक्षय पुण्य देता है, जो कभी समाप्त नहीं होता।

क्यों खास है यह व्रत?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वरूथिनी एकादशी का व्रत रखने से पापों से मुक्ति मिलती है। डर और कष्ट दूर होते हैं। जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।  

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