28 MARSATURDAY2020 9:26:08 PM
Nari

90 की उम्र में शुरु किया बिजनेस, अब देश-विदेश में फेमस है दादी के पोटली बैग्स

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 15 Feb, 2020 03:47 PM
90 की उम्र में शुरु किया बिजनेस, अब देश-विदेश में फेमस है दादी के पोटली बैग्स

60-70 की उम्र के बाद हर कोई अपने काम से रिटायरमेंट ले लेता है। बुढ़ापे में हर कोई यही चाहता है कि वो अब अपने परिवार के समय बिताए, पोते-पोतियों के साथ खेलें और बिस्तर में आराम करें। अगर इस उम्र में किसी के मन में काम करने का ख्याल आए भी तो उसकी हिम्मत साथ नहीं देती।

 

मगर, 90 साल की एक बुजुर्ग महिला ने इस उम्र में नया बिजनेस शुरु कर हर किसी को हैरान कर दिया है। जी हां, असम की रहने वाली 90 की अम्मा लतिका चक्रवर्ती ने 2 साल पहले खुद का ऑनलाइन बिजनेस शुरू किया। लतिका अपनी 66 साल पुरानी मशीन से खुद पोटली बैग बनाकर उन्हें ऑनलाइन बेचती हैं, जो भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में पसंद किया जाता है।

PunjabKesari

बचपन से था सिलाई-कढ़ाई के शौक

दरअसल, लतिका को हमेशा से ही सिलाई, कढ़ाई व बुनाई का शौक था। वह अपने बच्चों को भी खुद के हाथों से बनाए हुए कपड़े ही पहनाया करती थी। यही नहीं, वह बच्चों के कपड़ों के बैग और गुड़िया भी अपने हाथ से ही बनाती थी। इसके अलावा वह हाथों से बनाई हुई चीजें किसी खास मौके पर परिवार वालों को गिफ्ट भी करती थी।

PunjabKesari

शौक को बनाया बिजनेस

उनके इस टैलेंट को देखते हुए लतिका की बहू ने उन्हें पोटली बनाकर बेचने का सुझाव दिया। इसके बाद उनके पोते ने एक वेबसाइड बनाई और प्रमोशन करने में उनकी मदद भी की। बिजनेस शुरू होते ही उनके बैग काफी फेमस हो गए।

PunjabKesari

पुरानी साड़ियों से बनाती हैं पोटली

हैरानी की बात तो यह है कि इन पोटली बैग्स को बनाने के लिए वो देशभर से इकट्‌ठा की हुई अपनी साड़ियों का इस्तेमाल करती हैं। उनके स्वर्गीय पति सर्वे ऑफ इंडिया में काम करते थे, जिसकी वजह से उन्हें कई शहरों में रहने का मौका मिला। वह हर शहर में नई साड़ियां और सूट जरूर खरीदती थी। अब इस उम्र उन्हें साड़ियों पहनने का मौका कम मिलते हैं इसलिए उन्होंने इनसे बैग बनाने की सोची। उनकी बनाई गई हर पोटली पुरानी साड़ी से ही बनी होती है, जिसमें उनकी बहू भी उनकी मदद करती हैं।

PunjabKesari

दुनिया भर से पोटली की डिमांड

90 साल की उम्र में भी लतिका काफी स्टाइलिश और फिनिशिंग के साथ बैग बनाती हैं, जिनकी डिमांड सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि जर्मनी, ओमान और न्यूजीलैंड में भी काफी है। क्योंकि उन्हें एक बनाने में कई दिन लग जाते हैं इसलिए इनकी कीमत थोड़ी ज्यादा है लेकिन बैग्स देखने के बाद उसकी कीमत कम ही लगती है। लतिका की वेबसाइट में हर बैग की कीमत 10 डॉलर रखी गई है जिनमें से कई बैग अब तक बिक चुके हैं।

PunjabKesari

उम्र के साथ बढ़ा हौसला

अक्सर इस उम्र के लोग बिस्तर में आराम करते हैं लेकिन लतिका का यह काम लोगों को प्रेरित करने वाला है। आंखों में चश्मा लगाकर लतिका पति की दी गई 66 साल पुरानी सिलाई मशीन से किस तरह बैग बनाती है, जो वाकई काबिले तारीफ है।

PunjabKesari

लाइफस्टाइल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए डाउनलोड करें NARI APP

Related News