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बच्चे की आंख में लगा रही हैं भर-भर कर काजल तो ये बड़े नुकसान भी पढ़ लें

  • Edited By Vandana,
  • Updated: 23 Aug, 2025 05:50 PM
बच्चे की आंख में लगा रही हैं भर-भर कर काजल तो ये बड़े नुकसान भी पढ़ लें

नारी डेस्क : भारतीय घरों में यह परंपरा बहुत पुराने समय से चली आ रही है कि बच्चे के जन्म के कुछ ही दिनों बाद उसकी आंखों में काजल लगाया जाता है। परिवार में मां, दादी या नानी यह मानती हैं कि काजल लगाने से बच्चे की आंखें बड़ी, चमकदार और खूबसूरत दिखती हैं और नजर भी तेज होती है। कई परिवारों में इसे रोजाना या नियमित अंतराल पर लगाया जाता है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सच में काजल लगाने से आंखों को कोई फायदा होता है, या यह केवल एक पुरानी मान्यता है? क्या यह छोटे बच्चों की नाजुक आंखों के लिए सुरक्षित है। इस लेख में हम जानेंगे कि बच्चों की आंखों में काजल लगाना सही है या नहीं।

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क्या काजल से सच में आंखें बड़ी हो जाती हैं?

क्या काजल से सचमुच आंखें बड़ी होती हैं? इस सवाल का जवाब डॉक्टर साफ तौर पर ना में देते हैं। उनका कहना है कि यह एक पूरी तरह से गलत धारणा है कि बच्चे की आंखों में काजल लगाने से उनका साइज बढ़ जाता है या उनकी रोशनी तेज हो जाती है। नेत्र विज्ञान (Ophthalmology) के अनुसार, आंख का आकार और उसकी रोशनी प्राकृतिक रूप से तय होती है, जिस पर काजल का कोई असर नहीं पड़ता। यह सिर्फ एक पुरानी मान्यता है, जिसे लोग पीढ़ी दर पीढ़ी मानते आ रहे हैं, जबकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

बच्चे की आंखों में काजल लगाने के नुकसान

बच्चों की आंखें बहुत नाजुक होती हैं और ऐसे में काजल लगाने से फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही ज्यादा होता है। मार्केट में मिलने वाले ज्यादातर काजल पूरी तरह से साफ या स्टरलाइज्ड नहीं होते, जिससे आंखों में इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। कई बार काजल लगाने से आंखों में जलन, खुजली और लगातार पानी आने जैसी दिक्कतें भी शुरू हो सकती हैं। अगर पलकों के अंदर काजल लगाया जाए तो यह ऑयल ग्लैंड को ब्लॉक कर सकता है, जिससे आंखों में सूजन और पानी बहने की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा आजकल मिलने वाले काजल में केमिकल मौजूद होते हैं, जो छोटे बच्चों की नाजुक आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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डॉक्टर की क्या सलाह है?

डॉक्टर के अनुसार, बच्चे की आंखों में कभी भी काजल नहीं लगाना चाहिए क्योंकि यह उनकी नाजुक आंखों के लिए सुरक्षित नहीं है। अगर परंपरा या मान्यता की वजह से काजल लगाना जरूरी लगे तो इसे आंखों के अंदर न लगाकर केवल बच्चे के माथे या कान के पीछे लगाया जा सकता है, यह तरीका अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है। डॉक्टर का कहना है कि बच्चे की आंखें तभी सचमुच सुंदर और आकर्षक लगती हैं जब वे पूरी तरह स्वस्थ और साफ रहती हैं, इसलिए उनकी देखभाल और स्वच्छता पर ही ध्यान देना चाहिए।

बच्चों की आंखों में काजल लगाने से न तो आंखें बड़ी होती हैं और न ही उनकी रोशनी बढ़ती है। बल्कि इसके उलट, इससे आंखों में जलन, खुजली, इन्फेक्शन और सूजन जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। इसी कारण डॉक्टर की सलाह है कि बच्चे की आंखों में काजल बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए और उनकी आंखों को साफ व स्वस्थ रखना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

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