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बुजुर्ग को आंख मारना पड़ा महंगा, लगा 10 हजार का हर्जाना

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 03 Feb, 2026 04:01 PM
बुजुर्ग को आंख मारना पड़ा महंगा, लगा 10 हजार का हर्जाना

नारी डेस्क:  चंडीगढ़ से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार करना 62 वर्षीय बुजुर्ग को भारी पड़ गया। जिला अदालत ने महिला से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी बुजुर्ग को दोषी करार देते हुए उस पर 10 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। यह रकम पीड़ित महिला को दी जाएगी। अदालत ने आरोपी को जेल की सजा नहीं दी, लेकिन उसे प्रोबेशन (अच्छे आचरण) की शर्त पर रिहा किया गया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि आरोपी को अगले छह महीने तक अपने व्यवहार में सुधार दिखाना होगा। इस दौरान पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रखेगी। अगर इस अवधि में उसके खिलाफ दोबारा ऐसी कोई शिकायत सामने आती है, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महिला ने बताया पूरा घटनाक्रम

पीड़ित महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यह घटना 28 अगस्त 2021 की सुबह की है। वह अपने घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी, तभी पड़ोस में रहने वाला बुजुर्ग वहां आया और उसे आंख मारने लगा और फ्लाइंग किस करने लगा। महिला के मुताबिक आरोपी ने इस दौरान अभद्र टिप्पणी भी की और वह शराब के नशे में था।

पहले भी कर चुका था ऐसी हरकतें

महिला ने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार इस तरह की हरकतें कर चुका था, लेकिन शर्म और सामाजिक दबाव के कारण उसने कभी शिकायत नहीं की। इस बार जब आरोपी ने सारी हदें पार कर दीं, तब उसने पुलिस का सहारा लेने का फैसला किया।

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आरोपी के परिवार ने भी किया झगड़ा

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब यह बात आरोपी के परिवार तक पहुंची, तो उन्होंने उल्टा उसके घर आकर झगड़ा करना शुरू कर दिया। आरोपी के बेटे शराब के नशे में महिला के घर पहुंचे और हंगामा किया। इसके बाद महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने दर्ज किया केस, अदालत ने माना दोषी

सेक्टर-31 थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 1 सितंबर 2021 को भारतीय दंड संहिता की धारा 354A (छेड़छाड़) और 509 (महिला का अपमान) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दावा किया कि बुजुर्ग को झूठे केस में फंसाया गया है, लेकिन अदालत ने इन दलीलों को खारिज कर दिया।

अदालत का साफ संदेश

इस फैसले के जरिए अदालत ने यह साफ संदेश दिया है कि महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे आरोपी की उम्र कुछ भी क्यों न हो।  

 

 

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