नारी डेस्क: बहुत से लोग मानते हैं कि नियमित जांच करवाने और हेल्थ रूटीन फॉलो करने से उन्हें हार्ट की कोई बीमारी नहीं होगी, लेकिन इनमें से कुछ भरोसेमंद तरीके उतने असरदार नहीं होते जितने वे लगते हैं। कार्डियोलॉजिस्ट ने दिल की सेहत से जुड़े 5 कड़वे सच बताएं हैं , जो आम गलतफहमियों को तोड़ते हैं। ध्यान रखें दिल की बीमारी चुपचाप बढ़ती है, इसलिए लक्षणों और गलतफहमियों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

सिर्फ बुज़ुर्गों को ही हार्ट अटैक नहीं होता
आजकल 30–40 साल के युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। इसका कारण तनाव, खराब लाइफस्टाइल, जंक फूड, नींद की कमी और फिजिकल एक्टिविटी का अभाव है।
पतले लोग भी दिल के मरीज हो सकते हैं
यह मानना गलत है कि सिर्फ मोटे लोगों को ही दिल की बीमारी होती है। पतले दिखने वाले व्यक्ति के शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई BP या शुगर हो सकती है, जो दिल के लिए खतरनाक है।
सीने में दर्द न होना का मतलब दिल की बीमारी नहीं, ये सोच गलत है
हर हार्ट अटैक में तेज सीने का दर्द नहीं होता। अन्य संकेत हो सकते हैं सांस फूलना, जबड़े, पीठ या हाथ में दर्द, अचानक थकान, चक्कर या मतली। खासतौर पर महिलाओं में लक्षण अलग हो सकते हैं।

सिर्फ दवाइयों से दिल स्वस्थ नहीं रहता
दवाइयां ज़रूरी हैं, लेकिन अकेले काफी नहीं। लाइफस्टाइल बदलाव बेहद ज़रूरी हैं जैसे रोज़ 30 मिनट चलना,नमक और चीनी कम करना, तनाव कम करना, पूरी नींद लेना ये भी हार्ट को मुश्किलों में डाल सकते हैं।
पोर्ट आने के बाद भी खतरा खत्म नहीं
ब्लड रिपोर्ट या ECG नॉर्मल होने के बावजूद अगर स्मोकिंग, गलत खानपान और बैठे रहने की आदत है, तो भविष्य में दिल की बीमारी का खतरा बना रहता है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह
साल में एक बार हार्ट चेकअप करवाएं, रोज़ एक्सरसाइज करें , तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें स्ट्रेस मैनेज करें जैसे योगऔर ध्यान समय रहते सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज है।