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ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क कम करती हैं ये 6 योगासन, हर महिला को जरूर करने चाहिए

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 18 Jan, 2026 03:27 PM
ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क कम करती हैं ये 6 योगासन, हर महिला को जरूर करने चाहिए

नारी डेस्क:  आज के समय में ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ती एक गंभीर बीमारी बनती जा रही है। दुनियाभर में हर साल इसके मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यह कैंसर पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है और अब कम उम्र की महिलाएं भी इसकी चपेट में आ रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, हर 20 में से 1 महिला को जीवन में कभी न कभी ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है। ब्रेस्ट कैंसर का खतरा किन महिलाओं में ज्यादा होता है?

जिन महिलाओं के परिवार में पहले किसी को ब्रेस्ट कैंसर हुआ हो

जो महिलाएं मां नहीं बनी हैं

जिनकी लाइफस्टाइल खराब है (जैसे – फिजिकल एक्टिविटी की कमी, गलत खानपान, तनाव)

यह कैंसर एक बार ठीक होने के बाद दोबारा भी हो सकता है, इसलिए इससे बचाव बहुत जरूरी है। योग ऐसा ही एक प्राकृतिक उपाय है, जो न सिर्फ शरीर को फिट रखता है बल्कि हार्मोन बैलेंस करने में भी मदद करता है। कुछ खास योगासन ऐसे हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक माने जाते हैं।

ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए 6 असरदार योगासन

प्रसारित पादोत्तानासन

इस आसन को करने के लिए योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। सांस लेते हुए शरीर को आगे की ओर झुकाएं: दोनों हाथों को कंधों तक उठाकर पीछे की ओर ले जाकर आपस में जोड़ लें>सिर को नीचे की ओर रखें और कुछ देर इसी स्थिति में रहें। यह आसन शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है।

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गोमुखासन

जमीन पर बैठकर दोनों घुटनों को एक-दूसरे के ऊपर रखें। एक हाथ को नीचे से पीछे ले जाएं और दूसरा हाथ ऊपर से मोड़कर पीठ के पीछे मिलाने की कोशिश करें। 30 सेकंड तक रुकें, फिर हाथ बदल लें। यह आसन कंधों, छाती और हार्मोन ग्रंथियों के लिए फायदेमंद है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन, सीधे बैठ जाएं, एक पैर मोड़कर दूसरे पैर के पास रखें। शरीर को मोड़ते हुए एक तरफ देखें।

रीढ़ की हड्डी सीधी रखें और गहरी सांस लें

फिर दूसरी तरफ यही प्रक्रिया दोहराएं। यह आसन पाचन और हार्मोन संतुलन में मदद करता है।

सर्पासन

पेट के बल लेट जाएं।दोनों हाथों को पीछे की ओर जोड़ लें। धीरे-धीरे छाती और कंधों को ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड रुककर वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं। यह आसन छाती को खोलता है और तनाव कम करता है।

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मकरासन

पेट के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को सिर के नीचे रखें। आंखें बंद कर लें और पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें।

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कुछ देर गहरी सांस लें

यह आसन मानसिक तनाव को कम करने और शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है।

धनुरासन

पेट के बल लेट जाएं। घुटनों को मोड़कर टखनों को हाथों से पकड़ें। सांस लेते हुए छाती और पैरों को ऊपर उठाएं।

4 से 5 सांसों तक इसी स्थिति में रहें

फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं। इस आसन को करते समय सांसों की लय पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। अगर महिलाएं 20 साल की उम्र के बाद रोजाना इन योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, तो वे न सिर्फ खुद को फिट रख सकती हैं बल्कि ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के जोखिम को भी काफी हद तक कम कर सकती हैं। योग एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और शरीर व मन दोनों को स्वस्थ रखता है।

नोट: किसी भी योगासन को शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।  

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