नारी डेस्क: सोते समय हमारी बॉडी रिलैक्स होती है, लेकिन अगर आपकी स्लीपिंग पोजीशन गलत है, तो यही आराम धीरे-धीरे दर्द और बीमारियों की वजह बन सकता है। क्या आप जानते हैं कि आपके सोने का गलत तरीका खतरनाक साबित हो सकती है। एक ऑर्थोपेडिक सर्जन के अनुसार, गलत स्लीपिंग पोजीशन लंबे समय में दर्द, अकड़न और स्पाइन से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकती है।

ये स्लीपिंग पोजीशन करती है सबसे ज्यादा नुकसान
पेट के बल (Stomach Sleeping) सोना सबसे ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है। इसमें गर्दन एक तरफ मुड़ी रहती है। घंटों तक यह पोजीशन रहने से मसल्स पर दबाव पड़ता है। धीरे-धीरे गर्दन में दर्द और stiffness बढ़ती है। अगर सोते समय आपकी स्पाइन सीधी नहीं रहती, तो कमर दर्द (Back Pain) या डिस्क पर दबाव पड़ सकता है। इससे आगे चलकर गंभीर स्पाइन प्रॉब्लम हो सकती है।
और भी हैं कई नुकसान
गलत पोजीशन में शरीर पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाता बार-बार नींद खुलती है और थकान बनी रहती है। गर्दन और कंधों पर दबाव बढ़ने से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे सिरदर्द या माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है।पेट के बल सोने से छाती पर दबाव पड़ता है, जिससे सांस ठीक से नहीं आ पाती

ये गलतियां भी हैं खतरनाक
बहुत ऊंचा या बहुत पतला तकिया इस्तेमाल करना, गर्दन को बिना सपोर्ट के छोड़ना, मोबाइल देखते-देखते सो जाना। क्योंकि जैसी आपकी स्लीपिंग पोजीशन होगी, वैसी ही आपकी सुबह की सेहत होगी।
सर्जन का आसान Hack
सही पोजीशन अपनाएं: पीठ के बल (Back Sleeping) सोना सबसे बेहतर या फिर साइड में (Side Sleeping) सोएं, लेकिन गर्दन सीधी रखें।
सही तकिया चुनें: ऐसा तकिया लें जो आपकी गर्दन को सपोर्ट दे, बहुत ऊंचा या बहुत फ्लैट तकिया न हो। मेमोरी फोम पिलो अच्छा ऑप्शन हो सकता है
गर्दन को न्यूट्रल रखें: सोते समय आपकी गर्दन और रीढ़ (spine) एक सीध में होनी चाहिए। इससे दबाव कम पड़ता है और दर्द से बचाव होता है
छोटा टॉवल ट्रिक: एक छोटा तौलिया रोल करके गर्दन के नीचे रखें, इससे एक्स्ट्रा सपोर्ट मिलता है और पेन कम होता है
एक्स्ट्रा टिप: दिन में हल्की स्ट्रेचिंग और गर्दन की एक्सरसाइज भी दर्द को कम करने में मदद करती है।