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पानी पीते ही बार-बार यूरिन क्यों आता है? जानिए क्या है इसके पीछे की वजह!

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 08 Feb, 2026 10:55 AM
पानी पीते ही बार-बार यूरिन क्यों आता है? जानिए क्या है इसके पीछे की वजह!

नारी डेस्क:  शरीर को स्वस्थ और हाइड्रेटेड रखने के लिए रोज़ाना 7 से 8 गिलास पानी पीना बहुत ज़रूरी होता है। पानी पीने से पेशाब आना बिल्कुल सामान्य बात है, लेकिन अगर पानी पीते ही हर 10–15 मिनट में वॉशरूम जाना पड़े, तो यह किसी समस्या का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजहें और इससे बचने के तरीके।

पानी पीने के बाद बार-बार पेशाब आने की वजहें

ओवर एक्टिव ब्लैडर

ओवर एक्टिव ब्लैडर एक ऐसी स्थिति है जिसमें मूत्राशय की मांसपेशियां सामान्य से ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं। इस कारण ब्लैडर पूरी तरह भरा न होने पर भी पेशाब की तेज़ इच्छा महसूस होने लगती है। कई बार व्यक्ति को अचानक वॉशरूम जाने की जरूरत पड़ती है और उसे पेशाब रोकने में दिक्कत होती है। यह समस्या उम्र बढ़ने, नसों से जुड़ी दिक्कत या गलत पेशाब की आदतों के कारण भी हो सकती है।

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यूरिन इन्फेक्शन (UTI)

यूरिन इन्फेक्शन होने पर मूत्र मार्ग में बैक्टीरिया संक्रमण फैल जाता है। इसकी वजह से पेशाब करते समय जलन, दर्द और बार-बार पेशाब आने की शिकायत होती है। कई मामलों में पेशाब से बदबू आना या हल्का खून दिखना भी शामिल हो सकता है। महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है और समय पर इलाज न होने पर संक्रमण बढ़ सकता है।

ज्यादा कैफीन या शराब का सेवन

चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक और शराब में मौजूद कैफीन और अल्कोहल ब्लैडर को उत्तेजित करते हैं। इससे पेशाब जल्दी-जल्दी बनने लगता है और बार-बार वॉशरूम जाने की जरूरत पड़ती है। लगातार इन पेयों का अधिक सेवन करने से ब्लैडर की संवेदनशीलता बढ़ सकती है, जिससे यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

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डायबिटीज कंट्रोल में न होना

जब ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, तो शरीर अतिरिक्त शुगर को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालने की कोशिश करता है। इसी वजह से डायबिटीज के मरीजों को बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है। इसके साथ ज्यादा प्यास लगना और थकान महसूस होना भी आम लक्षण हैं। सही खानपान और दवाइयों से शुगर कंट्रोल न होने पर यह परेशानी बढ़ सकती है।

तनाव और चिंता

मानसिक तनाव और चिंता का सीधा असर शरीर के नर्वस सिस्टम पर पड़ता है, जिससे ब्लैडर की कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो सकती है। ज्यादा तनाव में रहने से बार-बार पेशाब की इच्छा हो सकती है, भले ही ब्लैडर पूरी तरह भरा न हो। लंबे समय तक तनाव बना रहने पर यह आदत एक समस्या का रूप ले सकती है।

इस समस्या से बचने के लिए क्या करें?

पानी सही तरीके से पिएं

पानी पीना जरूरी है, लेकिन एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने से ब्लैडर पर दबाव पड़ता है। बेहतर है कि पूरे दिन में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिया जाए, ताकि शरीर हाइड्रेट भी रहे और ब्लैडर पर ज्यादा जोर न पड़े।

कैफीन और शराब से दूरी बनाएं

चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक और शराब का अधिक सेवन कम करना चाहिए। ये पेय ब्लैडर को उत्तेजित करते हैं और बार-बार पेशाब आने की समस्या को बढ़ा सकते हैं। उनकी जगह नारियल पानी या सादा पानी बेहतर विकल्प हो सकता है।

बार-बार बाथरूम जाने की आदत न डालें

बिना जरूरत बार-बार वॉशरूम जाना ब्लैडर को कमजोर बना सकता है। कोशिश करें कि पेशाब की सामान्य जरूरत होने पर ही बाथरूम जाएं, ताकि ब्लैडर की पकड़ बनी रहे।

पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज करें

केगेल एक्सरसाइज जैसी पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज ब्लैडर को कंट्रोल करने वाली मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं। इन्हें रोज़ाना करने से पेशाब रोकने की क्षमता बेहतर होती है और ओवर एक्टिव ब्लैडर की समस्या में राहत मिल सकती है।

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डॉक्टर से सलाह लें

अगर बार-बार पेशाब आने की समस्या लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ दर्द, जलन या कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से सही कारण पता चल सकता है और उचित इलाज मिल सकता है।

कब डॉक्टर को दिखाएं?

अगर बार-बार पेशाब आने के साथ जलन, दर्द, खून आना या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
 

 

 

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