
नारी डेस्क : फरवरी के आखिर में अक्सर देखा जाता है कि घर में रखा तुलसी का पौधा मुरझाने लगता है। सर्दियों के ओस और कोहरे से बचा पौधा, बढ़ती धूप और बदलते तापमान से प्रभावित हो सकता है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। दवा या केमिकल की बजाय, आपके किचन में मौजूद कुछ सरल और नैचुरल उपाय आपके तुलसी के पौधे को फिर से हरा-भरा और स्वस्थ बना सकते हैं।
सूखी मंजरी (Seeds) को तुरंत हटाएं
तुलसी के सूखने का सबसे बड़ा कारण इसके फूल और बीज (मंजरियां) होते हैं। जब पौधा बीज बनाने में अपनी ऊर्जा लगा देता है, तो नई पत्तियां बनाना बंद कर देता है। इसलिए कैंची की मदद से सभी सूखी और हरी मंजरियों को काटकर हटा दें। इससे पौधा अपनी ऊर्जा पत्तियों के विकास में लगाएगा और जल्दी ही हरा-भरा हो जाएगा।

हल्दी का जादुई छिड़काव
फरवरी में मिट्टी में अक्सर फंगस और कीट लग जाते हैं, जो जड़ों को कमजोर कर देते हैं। हल्दी एक प्राकृतिक एंटी-फंगल और एंटीसेप्टिक है।
1 चम्मच हल्दी पाउडर को 1 लीटर पानी में मिलाकर पौधे पर स्प्रे करें।
थोड़ी हल्दी मिट्टी में भी मिलाएं।
यह जड़ों को संक्रमण से बचाकर पौधे को पोषण देती है।
मिट्टी की ‘गोड़ाई’ और पोषण
सर्दियों में मिट्टी अक्सर सख्त हो जाती है, जिससे जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती।
खुरपी की मदद से गमले की ऊपरी मिट्टी हल्की-हल्की गोड़ाई करें।
इसमें थोड़ी सूखी गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिलाएं।
अगर खाद न हो, तो इस्तेमाल की हुई चाय पत्ती (धोकर सुखाई हुई) डाल सकते हैं।
यह नाइट्रोजन का बेहतरीन स्रोत है और पौधे की वृद्धि को बढ़ावा देता है।

पानी देने का सही तरीका
अधिक पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं। फरवरी में धूप बढ़ रही होती है, इसलिए पहले मिट्टी की ऊपरी परत को उंगली से छूकर नमी जांचें। अगर मिट्टी नम है तो पानी न दें। सबसे अच्छा समय सूर्योदय के समय पानी देना माना जाता है।
तुलसी को घना बनाने का सीक्रेट
पौधे की सबसे ऊपरी दो पत्तियों को उंगलियों से हटा दें (Pinching)। इससे एक टहनी की जगह दो नई शाखाएं निकलेंगी और तुलसी झाड़ीदार और घनी हो जाएगी। फरवरी के अंत में तुलसी का मुरझाना सामान्य है, लेकिन इन आसान घरेलू उपायों को अपनाकर आप इसे फिर से हरा-भरा बना सकते हैं। नियमित देखभाल, हल्दी का छिड़काव, सही पानी और गोड़ाई के साथ आपका तुलसी का पौधा जल्दी ही स्वस्थ हो जाएगा।