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हर शुक्रवार दुल्हनों की तरह सजती है यह लड़की, कारण सुन भर आएंगी आंखें

  • Edited By Janvi Bithal,
  • Updated: 14 Jan, 2021 05:35 PM
हर शुक्रवार दुल्हनों की तरह सजती है यह लड़की, कारण सुन भर आएंगी आंखें

जिंदगी दो रंगों में बंटी हुईं हैं। एक खुशी का रंग और एक दर्द दुख का रंग। कभी जिंदगी हमारे इतने इम्तेहान लेती है तो कभी हमें बिन मांगे बहुत कुछ दे देती है। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो जिंदगी से मिले इन दुखों को जल्दी ही भुला देते हैं लेकिन कईं लोगों की सेहत पर इसका असर होने लगता है। आज हम आपको जिस महिला के बारे में बताने जा रहे हैं उसकी कहानी भी आपको रूला देगी। 

हर शुक्रवार को यह महिला करती है सोलह श्रृंगार

सोलह श्रृंगार जिसकी हर एक लड़की दिवानी होती है। जो सुहाग की निशानी होती है। हर लड़की उस दिन का इंतजार कर रही होती है कि कब शादी का दिन आए और वो खूब सज सकें। दरअसल हम जिस महिला के बारे में बात कर रहे हैं वह पाकिस्तान की रहने वाली है और वह हर शुक्रवार को सोलह श्रृंगार कर दुल्हन की तरह तैयार होती है। दुल्हन की तहर तैयार होकर इस महिला को खुशी तो मिलती ही है लेकिन इसके पीछे की कहानी बेहद दर्द भरी है। 

16 साल से हर शुक्रवार को होती है तैयार 

इस महिला का नाम हीरा जीशान है जो कि पाकिस्तान के लाहौर के पंजाब प्रांत की रहने वाली है। हीरा हर शुक्रवार को दुल्हनों की तरह तैयार होती है और ऐसा वह कुछ दिनों से नहीं बल्कि पिछले 16 सालों से कर रही है। वह दुल्हनों की तरह ही सजती है। लंहगा पहनती है, मेकअप करती। 

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मां की खुशी के लिए हीरा को करना पड़ी थी शादी 

दरअसल मीडिया रिपोर्टस की मानें तो हीरा की मां काफी बीमार हो गई थी और उनकी हालात इतनी खराब रहने लगी थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ गया था। बिगड़ती हालत में हीरा की मां की यह एक इच्छा थी कि उनकी बेटी की शादी हो जाए और हीरा ने मां की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए शादी कर ली। 

अस्पताल में हुई शादी तो रिक्शे में हुई विदाई 

हीरा की मानें तो मां की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए अस्पताल में ही शादी कर ली। इसके बाद उनकी रिक्शे में ही विदाई कर दी गई। लेकिन इस दिन एक बात जिसे हीरा का बेहद गम रहा वो था कि वह अपने इतने खास दिन भी तैयार नहीं हुई और न ही कोई श्रृंगार किया । 

मां और बच्चों की मौत से लगा झटका

मां को बचाने के लिए हीरा ने तमाम कोशिशें की लेकिन खुदा के आगे किसी की नहीं चलती है। और ऐसा ही कुछ हीरा के साथ। हीरा की मां का देहांत हो  गया जिसके बाद हीरा गहरा सदमा लगा। इस सदमे से तो हीरा ने खुद को कुछ भी करके संभाल लिया लेकिन शादी के बाद हीरा के बच्चे हुए लेकिन उनमें से 2 बच्चे मर गए जिसके बाद हीरा डिप्रेशन में चली गई। 

इसलिए हर शुक्रवार होती है तैयार

जिंदगी में इतना कुछ होने के बाद हीरा डिप्रेशन में चली गई लेकिन इसी डिप्रेशन से बाहर आने के लिए और हीरा हर शुक्रवार को दुल्हनों की तरह सजती है। इससे उन्हें काफी खुशी मिलती है। 

ढूंढे छोटी छोटी बातों में खुशी 

आज कल हमारे आस पास काफी लोग ऐसे हैं जिन्हें तनाव रहता है लेकिन इस तनाव में आकर बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जो अपनी जिंदगी खत्म कर लेते हैं लेकिन जिंदगी खत्म करने से अच्छा है कि आप छोटी छोटी बातों में खुशी ढूंढे और जीने की चाह को मरने न दें। 

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