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ग्रामीणों को तरक्की की राह पर ले जा रही हैं ये महिलाएं

ग्रामीणों को तरक्की की राह पर ले जा रही हैं ये महिलाएं
Views:- Friday, October 26, 2018-2:09 PM

समाज की तरक्की में महिलाओं का बहुत बड़ा हाथ है। जब तक किसी समाज में औरतें पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर नहीं चलेगी देश कभी भी तरक्की नहीं कर सकता। आज हम कुछ ऐसी ही सशक्त महिला उद्यमियों के बारे में बात कर रहे हैं जो महिलाओं को रोजगार देने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बेहतर बना रही हैं।

1. प्रेमा गोपालन
प्रेमा गोपालन में 1993 में महाराष्ट्र के लातूर में भूकंप का त्रासदी के बाद गांव के पुनर्वास का बीड़ा उठाया था। इस काम में उनकी टीम ने पूरा साथ दिया। 1998 के बाद इस प्रॉजेक्ट के खत्म होते ही उन्होने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त करने का जिम्मा उठाया। इस प्रोग्राम के तहत अब वह महिलाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण दे रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खानपान और साफ-सफाई पर ध्यान केंद्रित कर अपना भविष्य बदल रही हैं। 

2. कल्पना सरोज
दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाली कल्पना सरोज की कहानी कई लोगों को प्रेरित करती है। 2013 में उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा जा चुका है। बाल विवाह होने के कारण उन्हें घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ा लेकिन खराब दौर में उन्हें जिंदगी जीने की राह मिली। बिजनेसमैन नवीन भाई कमानी की कंपनी 'कमानी ट्यूब्स लिमिटेड' की हालत काफी खराब थी। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी के कामगारों को दोबारा कंपनी शुरू करने को कहा। कल्पना ने उनकी मदद की और फिर 2006 में कल्पना ने कंपनी खरीद ली।  आज कंपनी 750 करोड़ रुपए की हो चुकी है।

3. जीना जोसेफ
जीना जोसेफ ग्रामीण भारत के सामान से ज्वैलरी डिजाइन करती है, इस ज्वैलरी को गांव की औरतों द्वारा बनाया जाता है और और बिना किसी मिडलमैन के उसे ऑनलाइन बेच दिया जाता है। इससे महिलाओं को अच्छी-खासी आर्थिक मदद मिल रही है। इस काम के लिए वह कई औरतों को प्रोत्साहित कर रही हैं। 

4. एकता जाजू
ऑर्गेनिक फार्मिंग के जरिए एकता पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में किसानों को अच्छी आय अर्जित करवाने का जरिया उपलब्ध करवा रही है। जैविक खेती के जरिए किसानों को ऑनगैनिक फूड की खेती करने की नई राह दिखा रही है। इस समय उनकी कंपनी 300 से ज्यादा किसानों के साथ काम कर रही है। 

 


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