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ट्रेन में शुरू हुई अचानक Labour Pain, फिर आगे जो हुआ वो देखकर हो जाएंगे भावुक

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 08 Oct, 2025 12:25 PM
ट्रेन में शुरू हुई अचानक Labour Pain, फिर आगे जो हुआ वो देखकर हो जाएंगे भावुक

नारी डेस्क:  उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक चौंकाने वाला और भावुक मामला सामने आया है। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली मजदूरी के लिए जा रही एक गर्भवती महिला को रास्ते में ही प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। यात्रियों की मदद से ट्रेन को रोकना पड़ा और हरपालपुर स्टेशन पर ही महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। महिला और नवजात दोनों को बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

दिल्ली मजदूरी के लिए जा रही थी महिला

जानकारी के अनुसार, बांदा जिले के अतर्रा कस्बे के रहने वाले जुगल किशोर अपनी पत्नी पूजा (29 वर्ष) के साथ संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे। जुगल किशोर दिल्ली में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।सोमवार की रात दोनों अतर्रा रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुए। लेकिन जैसे ही ट्रेन महोबा स्टेशन पार कर कुलपहाड़ स्टेशन के पास पहुंची, पूजा को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।

ट्रेन में मचा हड़कंप, यात्रियों ने की मदद

महिला की हालत बिगड़ती देख कोच में सवार अन्य यात्री मदद के लिए आगे आए। कुछ महिला यात्रियों ने पूजा को संभाला और पानी दिया। इस दौरान दर्द असहनीय होने पर पति जुगल किशोर ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी। जैसे ही ट्रेन हरपालपुर स्टेशन पर रुकी, यात्रियों ने तुरंत महिला को ट्रेन से उतारा। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया।

स्टेशन पर हुआ सुरक्षित प्रसव

हरपालपुर स्टेशन परिसर में महिला को प्लेटफॉर्म के किनारे लिटाया गया। आसपास मौजूद महिलाओं ने कपड़ों से आड़ बनाकर प्रसव में मदद की। थोड़ी ही देर में पूजा ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। घटना के समय वहां मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि पूरा दृश्य भावनात्मक था  “महिला की चीखें सुनकर पहले डर लगा, लेकिन फिर सबने मिलकर मदद की। जब बच्चे की रोने की आवाज आई, तो स्टेशन पर मौजूद सभी लोगों के चेहरे खिल उठे।”

रेलवे प्रशासन और डॉक्टरों की तत्परता

हरपालपुर स्टेशन मास्टर आर.के. मिश्रा ने बताया कि जैसे ही जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया। लेकिन तब तक महिला का प्रसव हो चुका था। बाद में जच्चा-बच्चा दोनों को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के हरपालपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

पति ने जताया आभार

घटना के बाद पति जुगल किशोर ने यात्रियों और रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा  “अगर यात्रियों और स्टेशन के लोगों ने मदद नहीं की होती, तो पता नहीं क्या हो जाता। सबकी दुआओं से मेरी पत्नी और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।”

सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रियाएं

घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग महिला की हिम्मत और यात्रियों की इंसानियत की तारीफ कर रहे हैं। कई यूज़र्स ने लिखा “यह सिर्फ एक बच्चे का जन्म नहीं, बल्कि इंसानियत की जीत है।”

जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, पूजा और उसके नवजात पुत्र दोनों को प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद मां-बेटे की हालत पूरी तरह स्थिर है। डॉक्टरों ने कहा कि समय पर मदद मिलने से स्थिति बिगड़ने से बच गई।

इंसानियत आज भी ज़िंदा है इस घटना ने यह साबित कर दिया कि संकट के समय में एक-दूसरे की मदद करना ही सबसे बड़ी मानवता है। भीड़भाड़ और भागदौड़ भरी दुनिया में जब एक अनजान महिला के प्रसव में सैकड़ों लोग मदद के लिए आगे आए, तो यह दृश्य पूरे समाज के लिए मिसाल बन गया।

 

 

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