05 MARFRIDAY2021 5:06:37 AM
Nari

आकर्षण का केंद्र है दिल्ली का Lotus Temple, जानिए इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • Edited By neetu,
  • Updated: 04 Feb, 2021 06:05 PM
आकर्षण का केंद्र है दिल्ली का Lotus Temple, जानिए इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्य

भारत की राजधानी दिल्ली में घूमने के लिए बहुत सी जगह हैं। यहां पर खासतौर पर आपको ऐतिहासिक स्थल व मंदिर देखने को मिलेेंगे। इन स्थलों को देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं। ऐसे में ही दिल्ली के बाहापुर गांव में कमल की आकृ़ति वाला एक मंदिर स्थापित है। कमल की शेप का होने से यह 'लोटस टेंपल' के नाम से मशहूर है। यह पवित्र स्थल बहाई धर्म से संबंधित रखता है। यह मंदिर देखने में सुंदर होने के साथ अपने अंदर कई रोचक तथ्य समाएं हुए है। तो चलिए आज हम आपको इस मंदिर से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताते हैं।

PunjabKesari

यह मंदिर दिल्ली के बाहापुर गांव में स्थापित है। यह सन 1986 में बन कर तैयार हो गया था। साथ ही इसे आम जनता के लिए 1 जनवरी 1987 में खोल दिया गया था। 

PunjabKesari

इस मंदिर को ईरानी वास्तुकार फारिबोरज़ सहबा ने लोटस की शेप बनवाया था। असल में, इस पवित्र स्थल के दरवाजे हिंदू और बौद्ध धर्म के साथ बाकी धर्मों के लिए भी खुले हैं। 

PunjabKesari

यह मंदिर कमल के आकार में बना हुआ है। असल में, कमल का फूल कीचड़ में उगकर भी पवित्रता व शांति का प्रतीक माना जाता है। इसलिए हर किसी को शांति व पवित्रता का संदेश देने के लिए इस मंदिर को लोट्स यानी कमल की शेप में तैयार किया गया है। इसी लिए इस मंदिर को लोटस टेंपल के नाम से जाना जाता है। 

PunjabKesari

इस मंदिर में करीब 9 दरवाजें है, जो हर धर्म के लिए हमेशा खुले रहते है। बात यहां आने वाले यात्रियों की करें तो रोजाना 10 से 12 हजार लोग यहां दर्शन करने आते हैं। 

PunjabKesari

वैसे तो कोई भी मंदिर भगवान की मूर्ति या तस्वीर के बिना अधूरा माना जाता है। मगर बात लोट्स टेंमल की करें तो यहां पर भगवान जी की ना ही कोई मूर्ति है और ना ही फोटो। मगर फिर भी यहां पर भक्तों की भीड़ जमा रहती है। मंदिर में कोई पूजा होने की जगह बस हर घंटे में करीब 5 मिनट तक प्रार्थना होती है। वे शांति से ईश्वर को याद करके उनकी ओर ध्यान लगाते हैं।  

PunjabKesari

यह मंदिर करीब 25 एकड़ क्षेत्र में फैला है। कहा जाता है कि इस भव्य मंदिर का निर्माण करने के लिए करीब 10 साल का समय लगा था। इसे ग्रीस देश के मार्बल से तैयार किया गया है। साथ ही इस कमल को कुल 27 पंखुड़ियों से तैयार किया गया है। ऐसे में एक ही समय पर करीब 2300- 2500 यात्री मंदिर में दर्शन करने के लिए एक साथ आ सकते हैं। 

PunjabKesari

जिस तरह कमल का फूल पानी में होता है ठीक उसी तरह इस मंदिर के चारों ओर भी तालाब व बाग-बगीचे बने हुए है। ऐसे में आप इस मंदिर की कल्पना पानी में खिले हुए कमल से कर सकते हैं। 

PunjabKesari

ऐसे में अगर आप भी इस भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर कहीं शांति की तलाश में है तो एक बार इस मंदिर में जरूर जाएं। 

PunjabKesari
 

Related News