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कैंसर जीत गया दोस्तों 'ये मेरी आखिरी दिवाली...21 साल के युवक की पोस्ट पढ़ निकल रहे हर किसी के आंसू'

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 16 Oct, 2025 03:22 PM
कैंसर जीत गया दोस्तों 'ये मेरी आखिरी दिवाली...21 साल के युवक की पोस्ट पढ़ निकल रहे हर किसी के आंसू'

नारी डेस्क: दीवाली की रोशनी से जगमगाती दुनिया के बीच, इंटरनेट पर एक पोस्ट ने लाखों लोगों की आंखें नम कर दीं। रेडिट पर 21 साल के एक भारतीय युवक ने अपनी आखिरी पोस्ट लिखी  “कैंसर जीत गया दोस्तों, अब चलता हूं।” सिर्फ ये एक लाइन ही नहीं, बल्कि इसके पीछे छिपी कहानी ने पूरी दुनिया को भावनाओं से भर दिया। युवक ने अपनी जिंदगी की आखिरी घड़ियों में वह सच्चाई लिखी, जो हम सभी अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।

2023 में हुआ था कैंसर का पता

युवक ने अपनी पोस्ट में बताया कि साल 2023 में उसे स्टेज-4 कोलोरेक्टल कैंसर डायग्नोज हुआ था। तब से उसने कई दौर की कीमोथैरेपी कराई, महीनों अस्पताल में रहा और हर दर्द को मुस्कुराकर सहा। उसने लिखा, “अब डॉक्टरों ने कह दिया है कि कुछ भी करने को बाकी नहीं है... शायद मैं इस साल के अंत तक नहीं रहूंगा।” उसकी यह बात पढ़कर हजारों लोगों की आंखों से आंसू झर पड़े।

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“शायद यह मेरी आखिरी दीवाली होगी...”

अपनी पोस्ट में युवक ने आगे लिखा 

“दीवाली आने वाली है... सड़कों पर लाइटें दिखने लगी हैं। यह सोचकर दिल भारी हो जाता है कि शायद यह मेरी आखिरी दीवाली होगी। मुझे इन रोशनी की चमक, लोगों की हंसी और पटाखों की आवाज बहुत याद आएंगी।” उसके शब्दों में वह तड़प साफ झलक रही थी जो एक अधूरी जिंदगी की पीड़ा होती है। लोगों ने लिखा कि यह पोस्ट पढ़कर उनकी आत्मा तक हिल गई।

सोशल मीडिया पर उमड़ा दुआओं का सैलाब

यह पोस्ट रेडिट के r/TwentiesIndia सबरेडिट पर डाली गई थी, जिसे अब तक 6 हजार से ज्यादा अपवोट्स और हजारों प्रतिक्रियाएं मिल चुकी हैं। यूजर्स ने युवक के लिए प्रार्थनाएं कीं, हौसला बढ़ाया और कहा कि वह अपने बचे हुए वक्त को प्यार और सुकून से बिताए। एक यूजर ने लिखा  “भगवान, अगर चमत्कार होते हैं तो इस लड़के के लिए एक कर दो।” दूसरे ने कहा  “अगर सच में कोई ऊपर है, तो इसे बचा लो।” किसी ने लिखा  “हिम्मत रखो यार, जितना समय है उसे खूबसूरत बनाओ। परिवार के साथ रहो, म्यूजिक सुनो, शाम की सैर करो...”

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लोगों को सोचने पर मजबूर कर गई पोस्ट

इस पोस्ट ने लोगों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया कि जिंदगी कितनी नाजुक और अनमोल है। एक यूजर ने लिखा  “हम रोजमर्रा की छोटी-छोटी खुशियों को हल्के में ले लेते हैं। झगड़ों, ईर्ष्या और प्रतिस्पर्धा में असली जिंदगी खो देते हैं। जब जिंदगी खत्म होने लगती है, तभी उसकी अहमियत समझ आती है।” कई लोगों ने कमेंट किया कि इस पोस्ट ने उन्हें अपने परिवार से जुड़ने, गले लगाने और अपने व्यवहार को बदलने के लिए प्रेरित किया।

पहचान अब तक अज्ञात, लेकिन शब्द अमर

अब तक युवक की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन उसके शब्दों ने हजारों दिलों पर असर छोड़ा है। लोग लगातार उसकी सेहत के बारे में पूछ रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि कोई चमत्कार हो जाए। कई यूजर्स ने लिखा  “हम उसे नहीं जानते, लेकिन उसकी बातों ने हमें जिंदगी की असली कीमत समझा दी।” एक अन्य ने लिखा  “कभी-कभी कुछ शब्द पूरी उम्र की सीख दे जाते हैं।”

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दीवाली पर जिंदगी का सबसे बड़ा सबक

दीवाली रोशनी का त्योहार है, लेकिन इस 21 साल के युवक ने अपने शब्दों से इस बार दिलों में रोशनी जलाई है। उसकी पोस्ट हमें यह सिखाती है कि जीवन की लंबाई नहीं, उसकी गहराई मायने रखती है। हमें हर दिन को ऐसे जीना चाहिए जैसे वह आखिरी हो  बिना नफरत, बिना ईर्ष्या और बिना पछतावे के। क्योंकि जैसा उसने कहा  “कैंसर जीत गया दोस्तों, अब चलता हूं” ये वाक्य सिर्फ एक विदाई नहीं, बल्कि एक गहरा संदेश है कि जिंदगी को महसूस करो, जब तक वो तुम्हारे साथ है।

 

  
  
 
 

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