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Ovarian Cancer को क्यों कहते हैं इसे ‘साइलेंट किलर’? क्या हैं इसके लक्षण

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 01 Apr, 2026 12:17 PM
Ovarian Cancer को क्यों कहते हैं इसे ‘साइलेंट किलर’? क्या हैं इसके लक्षण

 नारी डेस्क: ओवेरियन कैंसर महिलाओं में ओवरी (अंडाशय) में होने वाली गंभीर और जानलेवा बीमारी है। इसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण हल्के या सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे महसूस होते हैं। कई बार महिलाएँ इन लक्षणों को पेट या हॉर्मोनल प्रॉब्लम समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। इसी वजह से इसका निदान अक्सर एडवांस स्टेज में होता है। हर महिला को इसके संभावित लक्षणों के बारे में जागरूक रहना बहुत जरूरी है, ताकि समय रहते पहचान कर इलाज किया जा सके।

ओवेरियन कैंसर के 7 संभावित लक्षण

हमेशा ब्लोटिंग रहना: भोजन के बाद हल्की सूजन सामान्य होती है, लेकिन अगर पेट हमेशा भारी, फूला हुआ या सूजन जैसा लगे और हफ्तों तक ठीक न हो, तो यह चेतावनी हो सकती है।

पेल्विक और पेट के निचले हिस्से में दर्द: पेट या पेल्विक क्षेत्र में लगातार दर्द या असुविधा होना। महिलाएं इसे अक्सर मेंस्ट्रुअल पेन या डाइजेस्टिव प्रॉब्लम समझ लेती हैं।

जल्दी पेट भर जाना: बिना किसी स्पष्ट कारण के भूख में कमी या जल्दी पेट भर जाना। यह ट्यूमर के दबाव या फ्लूइड इकट्ठा होने की वजह से हो सकता है।

इन आदतों से बढ़ता है ओवेरियन कैंसर का खतरा, जानिए शुरुआती लक्षण

बॉवल हैबिट में बदलाव: कब्ज, डायरिया या पेट की अनियमितता। यह भी ओवेरियन कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।

बार-बार पेशाब आना: ब्लैडर पर दबाव या बार-बार पेशाब का महसूस होना। ट्यूमर आसपास के अंगों पर दबाव डाल सकता है।

बेवजह वजन घटना या बढ़ना: पेट में पानी जमा होने या अन्य कारणों से वजन में अचानक बदलाव।

लगातार थकान रहना: आराम के बाद भी थकान महसूस होना। यह शरीर के अंदरुनी बीमारी के कारण हो सकता है।

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किन महिलाओं को अधिक खतरा रहता है?

ओवेरियन कैंसर किसी भी उम्र की महिला में हो सकता है, लेकिन कुछ फैक्टर इसे बढ़ा सकते हैं 50 साल से अधिक उम्र या मेनोपॉज के बाद, परिवार में ओवेरियन, ब्रेस्ट या कोलोरेक्टल कैंसर का इतिहास, BRCA1 और BRCA2 जैसी जेनेटिक म्यूटेशन पहले किसी प्रकार के कैंसर का इतिहास, समय से पहले या देर से मेनोपॉज होना कभी गर्भवती न होना ध्यान दें, जोखिम वाले समूह में न आने वाली महिलाओं में भी यह कैंसर हो सकता है, इसलिए लक्षणों के प्रति जागरूक रहना जरूरी है।

जल्दी निदान करना क्यों मुश्किल है?

ओवेरियन कैंसर का कोई भरोसेमंद रूटीन स्क्रीनिंग टेस्ट अधिकतर महिलाओं तक उपलब्ध नहीं है। अंडाशय पेट के अंदर गहरे होते हैं, इसलिए शुरुआती ट्यूमर अक्सर सामान्य चेकअप में दिखाई नहीं देते।

कौन-से टेस्ट करवाने चाहिए?

अगर ऊपर बताए गए लक्षण 2–3 हफ्तों से ज्यादा समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। संभावित टेस्ट

बच्चेदानी निकलवाने के बाद भी हो सकता है ओवेरियन कैंसर: जानें कारण और लक्षण

पेल्विक एग्जामिनेशन – शुरुआती जांच के लिए

अल्ट्रासाउंड (ट्रांसवजाइनल सोनोग्राफी) – ओवरी की असामान्यता देखने के लिए

CA-125 ब्लड टेस्ट – ट्यूमर मार्कर, बढ़ने पर संकेत देता है

सीटी या एमआरआई स्कैन – ट्यूमर के फैलने की जानकारी

बायोप्सी या सर्जिकल इवैलुएशन – निदान की पुष्टि के लिए
 
ओवेरियन कैंसर का इलाज शुरुआती स्टेज में काफी प्रभावशाली होता है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी तरह की लगातार परेशानी होने पर डॉक्टर से तुरंत परामर्श लेना चाहिए। घर और परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ अपनी सेहत की देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

   

 
 

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