नारी डेस्क : आज के समय में खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण डायबिटीज तेजी से फैल रही है। यह बीमारी सिर्फ शुगर लेवल तक सीमित नहीं रहती, बल्कि शरीर को अंदर से कमजोर बनाकर कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में एक खतरनाक कैंसर का जोखिम काफी ज्यादा पाया गया है।
डायबिटीज बनाती है शरीर को अंदर से कमजोर
डायबिटीज को हल्के में लेना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। यह बीमारी केवल खानदानी नहीं होती, बल्कि खराब लाइफस्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और मीठा ज्यादा खाने से भी हो सकती है। समय के साथ यह आंखों, दिल, किडनी और दिमाग जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचाती है।

इस कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा
रिपोर्ट्स के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा होता है। एक स्टडी में पाया गया कि ऐसे मरीजों में इस कैंसर का जोखिम लगभग 47% तक बढ़ सकता है। यह कैंसर बड़ी आंत (कोलन) में असामान्य कोशिकाओं के तेजी से बढ़ने के कारण होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज में इंसुलिन रेजिस्टेंस, ज्यादा शुगर लेवल और शरीर में सूजन इस खतरे को और बढ़ा देते हैं।
समय पर जांच बेहद जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों को नियमित जांच करानी चाहिए, ताकि इस खतरे को समय रहते पहचाना जा सके। इसके लिए कोलोन की जांच की जाती है, जिसमें कैंसर के शुरुआती संकेतों का पता लगाया जा सकता है।

कैसे होती है जांच?
इस बीमारी की पहचान के लिए “कोलोनोस्कोपी” टेस्ट किया जाता है। इसमें एक पतली और लचीली ट्यूब के जरिए बड़ी आंत के अंदर की जांच की जाती है। ट्यूब के आगे लगे कैमरे से डॉक्टर कोशिकाओं में हो रहे बदलाव को देख पाते हैं और समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है।
क्या करें बचाव के लिए?
संतुलित और हेल्दी डाइट लें
नियमित व्यायाम करें
शुगर लेवल कंट्रोल में रखें
समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराएं।

डायबिटीज को सिर्फ एक आम बीमारी समझना बड़ी भूल हो सकती है। यह कई गंभीर बीमारियों, खासकर कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए सतर्क रहें, सही जीवनशैली अपनाएं और समय पर जांच कराते रहें।