16 APRTHURSDAY2026 4:54:08 PM
Life Style

हेल्दी समझकर पी रहे हैं दूध, इस लाइलाज बीमारी का बढ़ सकता है खतरा

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 16 Apr, 2026 03:05 PM
हेल्दी समझकर पी रहे हैं दूध, इस लाइलाज बीमारी का बढ़ सकता है खतरा

नारी डेस्क: हमेशा हम सुनते आए दादी नानी से की अगर तंदरुस्त रहना हैं तो दूध पीओ लेकिन क्या अपने कभी सोचा हैं की दूध पीने से हमे खतरनाक बीमारी हो सकती हैं। जी हां एक स्टडी में यह देखा गया है कि डेयरी प्रोडक्ट्स, खासकर ज्यादा मात्रा में दूध पीने वाले लोगों में पार्किंसन का खतरा थोड़ा बढ़ सकता हैं।  चलिए यह बीमारी हैं क्या इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता हैं जानते हैं इस आर्टिकल में। 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के मुताबिक, कुछ स्टडीज़ में यह देखा गया है कि ज्यादा मात्रा में डेयरी प्रोडक्ट्स, खासकर दूध का सेवन करने वाले लोगों में पार्किंसन बीमारी का जोखिम थोड़ा बढ़ा हुआ पाया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सीधा कारण नहीं है, बल्कि एक संभावित संबंध (association) हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में पुरुषों में यह जोखिम लगभग 20 से 40 प्रतिशत तक ज्यादा देखा गया है, लेकिन अभी इस पर पूरी तरह पक्की पुष्टि नहीं है।

स्वाद और सेहत से भरपूर है केले का शेक, जानिए इसे बनाने का आसान तरीका

रिसर्च में क्या सामने आया?

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़ी बड़ी और लंबी स्टडीज में हजारों लोगों की डाइट को कई सालों तक ट्रैक किया गया। इसमें पाया गया कि जो लोग रोजाना तीन या उससे ज्यादा लो-फैट डेयरी सर्विंग लेते थे, उनमें पार्किंसन का खतरा थोड़ा अधिक था, तुलना में उन लोगों के जो कम डेयरी लेते थे। एक अन्य रिसर्च में भी यह पैटर्न सामने आया कि डेयरी का ज्यादा सेवन करने वाले पुरुषों में जोखिम करीब 1.8 गुना और महिलाओं में लगभग 1.3 गुना तक बढ़ा हुआ देखा गया।

दूध और पार्किंसन के बीच क्या हो सकता है कनेक्शन?

वैज्ञानिक अभी इस संबंध को पूरी तरह समझने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ थ्योरी के अनुसार दूध में मौजूद कीटनाशकों (pesticide residues) के अंश जैसे हेप्टाक्लोर एपॉक्साइड दिमाग पर असर डाल सकते हैं। इसके अलावा दूध में मौजूद कुछ शुगर कंपाउंड (गैलेक्टोज) भी अधिक मात्रा में नुकसान पहुंचा सकता है। एक और विचार यह है कि डेयरी प्रोडक्ट्स हमारे गट माइक्रोबायोम को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका असर धीरे-धीरे दिमाग की सेहत पर पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें:  फैटी लिवर मरीजों के लिए वरदान हैं ये फल, डाइट में जरूर करें शामिल

क्या दूध छोड़ देना चाहिए?

विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि इसका मतलब यह नहीं है कि दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स पूरी तरह बंद कर दिए जाएं। दूध पोषण का अच्छा स्रोत है और इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं। बस जरूरत इस बात की है कि इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए और किसी भी चीज की अति से बचा जाए।

PunjabKesari

पार्किंसन बीमारी के लक्षण क्या हैं?

यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और इसके शुरुआती लक्षणों में हाथों का कांपना, शरीर में अकड़न, चलने-फिरने में धीमापन और संतुलन बिगड़ना शामिल हो सकता है। कुछ लोगों में शुरुआत में कब्ज, गंध महसूस करने की क्षमता कम होना, नींद की समस्या और मूड में बदलाव जैसे संकेत भी दिख सकते हैं।

फिलहाल रिसर्च यह संकेत देती है कि बहुत ज्यादा डेयरी सेवन और पार्किंसन के बीच एक हल्का संबंध हो सकता है, लेकिन यह पूरी तरह साबित नहीं है। इसलिए डरने की बजाय संतुलित डाइट और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या या बदलाव के लिए डॉक्टर की सलाह लेना हमेशा जरूरी है।

Related News