
नारी डेस्क: अमेरिका में तेजी से फैल रहा ग्रीन फेंटेनाइल नाम का खतरनाक नशा इन दिनों पूरी दुनिया में चिंता का विषय बना हुआ है। यह ड्रग इतना जहरीला है कि इसे सूंघते ही व्यक्ति की हालत ‘जॉम्बी’ जैसी हो जाती है, जबकि नमक के दाने जितनी थोड़ी‑सी मात्रा भी जानलेवा साबित हो सकती है। इस नशे की वजह से मानसिक बीमारी, ओवरडोज और मौत के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, खासकर युवाओं में।
अमेरिका में तेजी से बढ़ रहा इस्तेमाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के न्यू ऑरलियन्स में इसका सबसे ज्यादा प्रभाव देखा गया है। यहाँ बेघर लोग और नशे की गिरफ्त में लोग इस ड्रग का सेवन कर मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं। इसकी खपत लगातार बढ़ रही है और यह 18-45 साल के लोगों में मौत का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है।
यह ड्रग कितना खतरनाक है?
ग्रीन फेंटेनाइल, सामान्य फेंटेनाइल से 20 गुना और हेरोइन से 50 गुना अधिक शक्तिशाली है। इसकी कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति ग्राम है। रिपोर्ट में बताया गया कि एक महिला ने इसे सूंघते ही बेहोशी का अनुभव किया और वह जॉम्बी जैसी हालत में हो गई। पुलिस का कहना है कि कोई भी इस ड्रग का सेवन करने वाला पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
बच्चों और युवाओं पर असर
अमेरिका में 11-18 साल के 5.9% छात्र वेपिंग के जरिए इस ड्रग का इस्तेमाल कर रहे हैं। ब्रिटेन में यह आंकड़ा 7% है। लोग इसे आइसक्रीम, पाउडर, जैल, टार, इंजेक्शन और स्मोकिंग के जरिए भी लेते हैं। खासकर जब इसे वेप में मिलाया जाता है, तब इसका असर और खतरनाक हो जाता है।
मौतों की संख्या
साल 2000 से अब तक, फेंटेनाइल के कारण अमेरिका में 10 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अब ग्रीन फेंटेनाइल की वजह से हाल के वर्षों में मौतें तेजी से बढ़ रही हैं। इस ड्रग की खपत और खतरनाक असर को देखकर अमेरिका में स्वास्थ्य और सुरक्षा विशेषज्ञ लोगों को चेतावनी दे रहे हैं कि यह नशा अत्यंत घातक है और इससे बचना ही सुरक्षित है।