नारी डेस्क: नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा विशेष रूप से की जाती है और इसे शक्ति उपासना का पर्व माना जाता है। देवी मां को स्वच्छता और पवित्रता अत्यंत प्रिय है, इसलिए नवरात्रि से पहले घर के मंदिर की सफाई करना शुभ और आवश्यक माना जाता है। स्वच्छ और व्यवस्थित मंदिर में पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। चलिए जानते हैं घर के मंदिर को साफ करने का आसान तरीका।

मंदिर की सफाई क्यों है जरूरी?
धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि जहां स्वच्छता होती है, वहां देवी-देवता निवास करते हैं। गंदे और अव्यवस्थित मंदिर में पूजा करने से देवता रुष्ट हो सकते हैं। मंदिर को साफ-सुथरा रखने से नेगेटिव एनर्जी का नाश होता है और घर में शांति और सुख-समृद्धि बनी रहती है। नवरात्रि के दौरान घर में पवित्र और शुद्ध वातावरण पूजा का फल कई गुना बढ़ा देता है। लंबे समय तक मंदिर की सफाई न होने से उसमें नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में समय रहते इसकी सफाई करने से घर का वास्तु दोष भी दूर होता है।
मंदिर की सफाई के आसान तरीके
सबसे पहले मंदिर में रखी भगवान की मूर्तियों, तस्वीरों और पूजा सामग्री को किसी साफ जगह पर रख दें। मूर्तियों को गंगाजल, कच्चे दूध या गुलाब जल से धोकर हल्के कपड़े से पोंछ लें। देवी-देवताओं की तस्वीरों को सूखे और साफ कपड़े से हल्के हाथों से साफ करें। सोने, चांदी या पीतल की मूर्तियों को नींबू और नमक से साफ करने से उनकी चमक बढ़ जाती है। पत्थर और धातु की मूर्तियों को हल्के साबुन और पानी से धो सकते हैं।

पूजा घर की दीवारें और छत की सफाई
मंदिर की दीवारों और छत पर धूल या जाले हों तो उन्हें साफ कर लें। दीवारों को गंगाजल या हल्दी मिले पानी से पोंछना शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि मंदिर में कभी भी डार्क कलर की पेंटिंग या तस्वीरें न लगाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हल्के रंग और शुभ प्रतीक वाले चित्र लगाएं। पूजा में उपयोग होने वाले दीपक, धूपदान, घंटी और अन्य पूजा सामग्री की सफाई भी जरूर करें। घंटी को गुनगुने पानी में नमक डालकर धोने से उसकी चमक बढ़ जाती है। पूजा की थाली और कलश को **गंगाजल या दूध से साफ करें, इससे वे शुद्ध हो जाते हैं।
मंदिर की सजावट और दीपक प्रज्वलन
मंदिर की सफाई के बाद उसे फूलों, तोरण, रंगोली और दीपकों से सजाएं। मंदिर में सुगंधित धूप, कपूर और घी का दीपक जलाएं। केसर, चंदन या गुलाब जल का छिड़काव** करके मंदिर को सुगंधित बनाएं। नवरात्रि के दौरान 9 दिन अखंड ज्योति जलाना शुभ माना जाता है। मंदिर में रोजाना कपूर जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

सफाई के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
मंदिर में रखी हुई टूटी-फूटी मूर्तियां, दीपक, धूपदान या तस्वीरेंतुरंत हटा दें। टूटी हुई चीजों से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
पूजा घर में कभी भी*प्लास्टिक के फूल या अपवित्र वस्तुएं न रखें। मंदिर में हमेशा ताजे फूल और शुद्ध सामग्री का प्रयोग करें।
- मंदिर में सफाई करते समय मंत्र जाप या भजन करते रहें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।