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Budget 2026: सस्ते जूते-महंगी शराब, जानें कहां मिली राहत और कहां लगा झटका

  • Edited By Monika,
  • Updated: 01 Feb, 2026 04:08 PM
Budget 2026: सस्ते जूते-महंगी शराब, जानें कहां मिली राहत और कहां लगा झटका

नारी डेस्क : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में अपना लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश किया। Budget 2026 में जहां आम जनता को कई जरूरी चीजों के सस्ते होने से राहत मिली है, वहीं कुछ प्रोडक्ट्स और सेक्टर्स पर महंगाई का झटका भी लगा है। इस बजट की सबसे बड़ी राहत यह रही कि चमड़े के जूते, कपड़े, माइक्रोवेव, सोलर एनर्जी से जुड़े उत्पाद और कैंसर की दवाइयां सस्ती की गई हैं। वहीं दूसरी ओर शराब, मिनरल्स और स्क्रैप महंगे हो गए हैं।

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बजट 2026: आम लोगों को कहां मिली राहत?

वित्त मंत्री ने कई वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी और टैक्स में कटौती की है, जिससे इनके दाम घटने की उम्मीद है।
चमड़े के जूते और फुटवियर
सिंथेटिक फुटवियर
कपड़े और टेक्सटाइल उत्पाद
चमड़े और कपड़ों का निर्यात
माइक्रोवेव ओवन
सोलर एनर्जी से जुड़े उपकरण
सोलर ग्लास
EV बैटरी और उसके कंपोनेंट
एयरक्राफ्ट निर्माण से जुड़ी वस्तुएं
विमानों का ईंधन
बायोगैस मिक्स्ड CNG
मिक्स्ड गैस CNG
विदेशी यात्रा से जुड़ी कुछ सेवाएं
कैंसर की 17 जरूरी दवाइयां
डायबिटीज (शुगर) की दवाइयां
इन फैसलों से हेल्थ सेक्टर, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

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Budget 2026: किन चीजों पर पड़ा महंगाई का असर?

जहां कई चीजें सस्ती हुईं, वहीं कुछ उत्पादों पर टैक्स बढ़ने से दाम बढ़ सकते हैं।
शराब, मिनरल्स, स्क्रैप और खासतौर पर शराब महंगी होने से आम उपभोक्ताओं को सीधा झटका लग सकता है।

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टैक्सपेयर्स को नहीं मिली बड़ी राहत

हालांकि Budget 2026 में इनकम टैक्स स्लैब को लेकर कोई बड़ी राहत या बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने साफ किया है कि 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू किया जाएगा, लेकिन फिलहाल टैक्स स्ट्रक्चर में कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ है।

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वैश्विक अनिश्चितता के बीच ‘विकसित भारत 2047’ पर फोकस

यह बजट ऐसे समय में पेश किया गया है जब भारत को अमेरिकी टैरिफ दबाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनावों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार ने कृषि, रक्षा, हेल्थ और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में संतुलित आवंटन करते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
 

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