
नारी डेस्क : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हर साल बजट पेश करते समय सिर्फ अपने आर्थिक फैसलों ही नहीं, बल्कि अपने पारंपरिक साड़ी लुक्स को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। 2019 से 2026 तक, हर बजट डे पर उनकी साड़ी भारत की समृद्ध हैंडलूम परंपरा, स्थानीय कारीगरों और सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देती नजर आई है। हर साल उनकी साड़ी न सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट होती है, बल्कि उसमें ‘वोकल फॉर लोकल’ और भारतीय विरासत का स्पष्ट संदेश भी झलकता है।
2019: गुलाबी मंगलगिरी साड़ी से की थी शुरुआत
साल 2019 में अपने पहले यूनियन बजट के दौरान निर्मला सीतारमण ने सुनहरे बॉर्डर वाली गुलाबी मंगलगिरी साड़ी पहनी थी।
आंध्र प्रदेश की यह साड़ी हल्के वजन और बारीक बुनाई के लिए जानी जाती है और पारंपरिक सादगी का प्रतीक मानी जाती है।

2020: पीली सिल्क साड़ी में दिखी उम्मीद
2020 के बजट के दिन वित्त मंत्री हरे बॉर्डर वाली पीली सिल्क साड़ी में नजर आईं।
पीला रंग शुभता, सकारात्मकता और नई उम्मीदों का प्रतीक माना जाता है, जो उस समय के आर्थिक संदेश से भी मेल खाता दिखा।
2021: पोचमपल्ली सिल्क में तेलंगाना की झलक
2021 में निर्मला सीतारमण ने लाल और ऑफ-व्हाइट रंग की पोचमपल्ली सिल्क साड़ी पहनी।
हरे बॉर्डर और इकत डिजाइन वाली यह साड़ी तेलंगाना की पारंपरिक पहचान मानी जाती है।

2022: ओडिशा की बोंमकाई साड़ी बनी पहचान
2022 के बजट में उन्होंने ओडिशा की प्रसिद्ध बोंमकाई साड़ी को चुना।
रस्ट ब्राउन रंग और ऑफ-व्हाइट बॉर्डर वाली इस साड़ी ने राज्य की समृद्ध बुनाई कला और सांस्कृतिक विरासत को मंच दिया।
2023: टेम्पल बॉर्डर साड़ी में पारंपरिक सौंदर्य
2023 के बजट के दौरान वित्त मंत्री लाल और काले रंग की टेम्पल बॉर्डर साड़ी में नजर आईं।
इस साड़ी में किया गया कसुती धागे का काम भारतीय मंदिर वास्तुकला से प्रेरित माना जाता है।

हर बजट डे पर एक संदेश
बीते नौ वर्षों में निर्मला सीतारमण की साड़ियां सिर्फ परिधान नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने हर बार भारत की पारंपरिक बुनाई, स्थानीय शिल्प और कारीगरों के सम्मान का संदेश दिया। उनका यह अंदाज़ उन्हें देश की उन चुनिंदा नेताओं में शामिल करता है, जो फैशन के जरिए भी सांस्कृतिक चेतना को आगे बढ़ाती हैं।