नारी डेस्क: आजकल खराब लाइफस्टाइल, तनाव और असंतुलित खान-पान के कारण किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कई बार ये बीमारियां बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती हैं। यही वजह है कि इन्हें अक्सर “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है। समय रहते जांच और सही जीवनशैली अपनाकर किडनी फेलियर जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
कम उम्र में बढ़ रहे किडनी रोग के मामले
डॉक्टरों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में किडनी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है। खास चिंता की बात यह है कि अब 30 से 45 साल के लोग भी किडनी रोग की चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी सबसे बड़ी वजह बैठे-बैठे रहने वाली जीवनशैली, अत्यधिक तनाव, कम पानी पीना और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन है। इन आदतों के कारण शरीर की कार्यप्रणाली पर बुरा असर पड़ता है और किडनी को नुकसान पहुंचने लगता है।

क्रॉनिक किडनी डिजीज क्यों है खतरनाक
Chronic Kidney Disease (CKD) किडनी की एक गंभीर बीमारी है, जो धीरे-धीरे विकसित होती है। इसकी सबसे खतरनाक बात यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते। कई लोग तब तक अस्पताल नहीं पहुंचते, जब तक बीमारी काफी गंभीर स्तर तक नहीं पहुंच जाती। ऐसे मामलों में कई बार मरीजों को डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है।
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर सबसे बड़े कारण
डॉक्टरों के मुताबिक किडनी रोग के सबसे बड़े जोखिम कारक हैं
Diabetes
Hypertension (हाई ब्लड प्रेशर)
विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 60 से 70 प्रतिशत क्रॉनिक किडनी डिजीज के मामले इन्हीं दो बीमारियों के कारण होते हैं। जब लंबे समय तक ब्लड शुगर या ब्लड प्रेशर नियंत्रण में नहीं रहता, तो यह किडनी की छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगता है।
इन आदतों से भी किडनी को हो सकता है नुकसान
डॉक्टरों के अनुसार कुछ गलत आदतें भी किडनी की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। इनमें शामिल हैं बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर दवाओं का ज्यादा इस्तेमाल जिम सप्लीमेंट या स्टेरॉयड का अनियंत्रित उपयोग शरीर में पानी की कमी
ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन धूम्रपान और अस्वस्थ जीवनशैली इन आदतों के कारण किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और समय के साथ इसकी कार्यक्षमता कम होने लगती है।
किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत
हालांकि किडनी रोग अक्सर बिना लक्षणों के बढ़ता है, लेकिन कुछ संकेत ऐसे हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जैसे पैरों या चेहरे पर सूजन आना, पेशाब में झाग या बदलाव दिखाई देना, लगातार थकान महसूस होना, भूख कम लगना, जी मिचलाना या उल्टी आना, अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ जाना, अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

किडनी रोग से कैसे करें बचाव
डॉक्टरों का कहना है कि सही जीवनशैली अपनाकर किडनी की बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। इसके लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए
रोजाना 2 से 3 लीटर पानी पीना
नमक का सेवन कम करना
नियमित व्यायाम और संतुलित आहार लेना
धूम्रपान से दूर रहना
वजन को नियंत्रित रखना
डायबिटीज और बीपी के मरीजों को नियमित किडनी फंक्शन टेस्ट करवाना
समय पर जांच से टल सकती है गंभीर स्थिति
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किडनी रोग का समय रहते पता चल जाए, तो इलाज काफी आसान हो सकता है। इससे डायलिसिस या ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर स्थिति से भी बचा जा सकता है।