28 JANWEDNESDAY2026 3:39:18 PM
Nari

चाचा की छाया से निकलकर बनाई अपनी राह, अजित पवार का 42 साल का सियासी सफर

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 28 Jan, 2026 01:58 PM
चाचा की छाया से निकलकर बनाई अपनी राह, अजित पवार का 42 साल का सियासी सफर

नारी डेस्क: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता अजित पवार का बुधवार को एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। बारामती में लैंडिंग के दौरान उनका निजी विमान क्रैश हो गया, जिसमें सवार सभी छह लोगों की जान चली गई। 1982 में एक सहकारी चीनी मिल से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले अजित पवार ने 42 साल का सियासी सफर तय किया। इस दौरान उन्होंने कई बार उपमुख्यमंत्री का पद संभाला और राज्य सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों में काम किया।

सियासत में शुरुआत

अजित पवार ने राजनीति में कदम रखा जब उनके चाचा शरद पवार महाराष्ट्र में कांग्रेस के बड़े नेता बन चुके थे। साल 1982 में, 23 साल की उम्र में उन्होंने सार्वजनिक जीवन में एंट्री की और एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुने गए। साल 1991 में उन्होंने बारामती लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उसी साल वे विधानसभा चुनाव भी जीत गए। इसके बाद उन्होंने राज्य की कैबिनेट में शामिल होकर कृषि और बिजली राज्य मंत्री के रूप में काम किया।

मंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारियां

नवंबर 1992 से फरवरी 1993: जल आपूर्ति, बिजली और योजना राज्य मंत्री

अक्टूबर 1999 – जुलाई 2004: सिंचाई और बागवानी मंत्री

जुलाई 2004 – नवंबर 2004: ग्रामीण विकास, जल आपूर्ति और स्वच्छता, सिंचाई मंत्री

इसके अलावा: राज्य में जल संसाधन और ऊर्जा मंत्रालय भी संभाला

नवंबर 2010 – सितंबर 2014: उपमुख्यमंत्री (फाइनेंस, योजना और ऊर्जा मंत्रालय)

ये भी पढ़ें: डॉक्टर ने बताया कैंसर होने से पहले शरीर में दिखने लगते है ये संकेत

चाचा से विद्रोह और राजनीतिक गठबंधन

अजित पवार ने अपने राजनीतिक सफर में कई बार चाचा शरद पवार के खिलाफ विद्रोह किया।

2019: देवेंद्र फडणवीस की भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री बने, 3 दिन बाद इस्तीफा देकर समर्थन वापस ले लिया।

दिसंबर 2019: अपने चाचा के पास लौटे और उद्धव ठाकरे की महा विकास अघाड़ी गठबंधन में उपमुख्यमंत्री बने।

जुलाई 2023: महा विकास अघाड़ी सरकार गिरने के बाद एक बार फिर चाचा के खिलाफ विद्रोह किया और भाजपा-एकनाथ शिंदे की सरकार में शामिल हुए।

निजी जीवन और जन्म

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के देवलाली प्रवरा गांव में हुआ। उनके पिता अनंतराव पवार मुंबई के मशहूर राजकमल स्टूडियो में काम करते थे। पिता की मृत्यु के बाद उनकी पढ़ाई बीच में ही छूट गई। उन्होंने महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड से सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (SSC) तक की पढ़ाई पूरी की।

अजित पवार का सियासी सफर और जनता के लिए योगदान उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति में एक यादगार और कद्दावर नेता बनाता है। उनका निधन न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरी महाराष्ट्र की राजनीति और जनता के लिए गहरा सदमा है।  

Related News