
नारी डेस्क: कुंभ मेले के दौरान वायरल हुई मोनालिसा भोसले को लेकर चर्चाएं कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। कुछ दिन पहले उसने केरल के एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजोंसे उत्तर प्रदेश के अभिनेता फरमान खान से शादी कर ली। ऐसे में कई लोगों ने आरोप लगाया कि वह "लव जिहाद" का शिकार हुई हैं। यह दावा करने वालों में फिल्म निर्माता सनोज मिश्रा भी शामिल थे, जिन्होंने ऑनलाइन मशहूर होने के बाद मोनालिसा को अपनी एक फिल्म के लिए साइन किया था, हालांकि वह प्रोजेक्ट कभी रिलीज़ नहीं हुआ। अब मोनालिसा को लेकर नया खुलासा हुआ है।

राष्ट्रीय जनजाति आयोग की जांच में वायरल गर्ल को आदिवासी और नाबालिग पाया गया है, जिससे पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है। इसके साथ ही खरगोन जिले के महेश्वर थाने में फरमान खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया है। गौतम बुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) के सामाजिक कार्यकर्ता व वकील प्रथम दुबे ने बताया कि उन्होंने 17 मार्च को राष्ट्रीय जनजातीय आयोग के अध्यक्ष को शिकायत कर वायरल गर्ल की आयु व अन्य मुद्दों की जांच की मांग की थी। इस पर जांच दल ने तीन दिन में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत कर उक्त लड़की को आदिवासी समाज की श्रेणी से होना पाया। साथ ही खरगोन जिले के महेश्वर के शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से उन्हें जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया गया जिसमें उसे स्पष्ट रूप से नाबालिग पाया गया।

बताया जा रहा है कि आयोग के अध्यक्ष के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें लड़की की जन्म तारीख 30 दिसंबर 2009 पाई गई। इस हिसाब से मार्च 2026 में हुई शादी के समय उसकी उम्र कानूनी रूप से कम थी। निकाह के समय उसकी उम्र करीब 16 साल 2 महीने थी। नगर पालिका से जारी एक गलत जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर केरल के एक गांव में शादी का रजिस्ट्रेशन कराया गया। माना जा रहा है कि पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या एजेंडा हो सकता है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी और लड़की पिछले तीन महीनों से अलग-अलग वीआईपी होटलों में ठहर रहे थे।