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Nari

संभल कर खाएं दवाइयां ! Paracetamol और multivitamins समेत 90  Medicines को लेकर मिली बड़ी गड़बड़ी

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 23 Mar, 2026 11:01 AM
संभल कर खाएं दवाइयां ! Paracetamol और multivitamins समेत 90  Medicines को लेकर मिली बड़ी गड़बड़ी

नारी डेस्क:  ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (DCGI) ने बिना मंज़ूरी वाले फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन (FDCs) पर देशव्यापी कार्रवाई शुरू की है। ANI को मिले एक पत्र के अनुसार, दवा रेगुलेटर ने 90 FDCs की उनके जेनेरिक नाम के आधार पर जांच करने का अनुरोध किया है, ताकि यह पता चल सके कि क्या उन्हें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के दवा नियंत्रकों द्वारा मंज़ूरी दी गई है। इन दवाओं में मल्टीविटामिन, फोलिक एसिड, सिरप, पैरासिटामोल, क्लोट्रिमेज़ोल और बीटामेथासोन क्रीम, डाइक्लोफेनाक पोटेशियम और डाइसाइक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट आदि शामिल हैं।


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पत्र के अनुसार- "वर्ष 2025 के SUGAM लैब टेस्टिंग डेटा के अनुसार, बड़ी संख्या में दवाओं के सैंपल (FDCs) बिना मंज़ूरी वाले पाए गए हैं और वे 'नई दवा' की श्रेणी में आते हैं। बिक्री के लिए कोई भी नई दवा तब तक नहीं बनाई जाएगी जब तक उसे लाइसेंसिंग अथॉरिटी द्वारा मंज़ूरी न मिल जाए, जैसा कि 'नई दवां  और क्लिनिकल ट्रायल नियम, 2019' के नियम 3 में परिभाषित है।  पत्र में आगे कहा गया है- "सप्लाई चेन में बिना मंज़ूरी वाली दवाओं की मौजूदगी गंभीर चिंता का विषय है, जिससे जन स्वास्थ्य और सुरक्षा को संभावित जोखिम हो सकता है। यह 'दवाएं और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940' और उसके तहत बनाए गए नियमों के प्रावधानों का पालन न करने का भी संकेत देता है।"
 

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पत्र में कहा गया- "कृपया संबंधित निर्माताओं, विपणनकर्ताओं और अन्य हितधारकों के खिलाफ उचित जांच और नियामक कार्रवाई शुरू करें, जैसा आप उचित समझें।" पत्र में बिना मंज़ूरी वाली दवाओं की बिक्री और वितरण के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई के बारे में कहा कि-  "जनहित में इस मामले को देखते हुए, दवा नियामक ने इसे एक गंभीर चिंता का विषय बताया है, यदि निर्माता ने 'नई दवा' (New Drug) की अनुमति के लिए आवेदन किया है - जो कि NDCT नियम, 2019 के नियम 83 के अनुसार अनिवार्य है - और यह अनुमति निर्माण लाइसेंस मिलने से पहले ली गई है, तो कृपया उसकी एक प्रति उपलब्ध कराएं। आपसे यह भी अनुरोध है कि आप जल्द से जल्द इस कार्यालय में 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' (ATR) जमा करें। जन स्वास्थ्य के हित में इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।" 
 

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