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वडोदरा में कहर बनकर टूटा पुल: 11 लोगों की दर्दनाक मौत से मातम का माहौल, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 10 Jul, 2025 08:55 AM
वडोदरा में कहर बनकर टूटा पुल: 11 लोगों की दर्दनाक मौत से मातम का माहौल, रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी

नारी डेस्क: गुजरात के वडोदरा में 9 जुलाई 2025 को एक बड़ा हादसा हुआ, जब महिसागर नदी पर बना गंभीरा पुल अचानक गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, और यह आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। गंभीरा पुल, जो वडोदरा और आणंद जिलों को जोड़ता था, मंगलवार को अचानक गिर गया। यह पुल करीब 43 साल पुराना था और 100 से ज्यादा गांवों के लोग इसी के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते थे। हादसे के वक्त कई लोग पुल पर मौजूद थे, जो अचानक हुए हादसे का शिकार हो गए।

बचाव कार्य में तेजी

घटना के तुरंत बाद पुलिस, एनडीआरएफ, और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर दिया। अब तक 11 शवों को नदी से बाहर निकाला जा चुका है। वडोदरा के कलेक्टर अनिल धमेलिया खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

हादसे की वजह क्या थी?

अभी तक हादसे की सटीक वजह सामने नहीं आई है। लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पुल काफी समय से जर्जर हालत में था और इसकी मरम्मत नहीं की गई थी। लोगों ने पहले भी पुल की हालत को लेकर शिकायतें की थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

लाखों लोग प्रभावित

गंभीरा पुल वडोदरा और आणंद के बीच एक मुख्य संपर्क मार्ग था। इसके टूटने से हजारों लोगों की आवाजाही पर असर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अब परेशान हैं, क्योंकि यह पुल ही उनके लिए बाजार, स्कूल, अस्पताल और दूसरे ज़रूरी कामों का जरिया था।

 प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल

इस हादसे के बाद प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि जब पुल की हालत खराब थी, तो समय पर मरम्मत क्यों नहीं करवाई गई? हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन ने वादा किया है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत पैकेज की भी घोषणा की जा सकती है।

यह एक बेहद दुखद घटना है, जिसने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। लोगों को उम्मीद है कि सरकार इस मामले में गंभीरता से कदम उठाएगी और भविष्य में ऐसे हादसे न हों, इसके लिए जरूरी इंतजाम करेगी।
  

 

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