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इन 2 हार्मोन की कमी से रूक जाता है बच्चे का मानसिक विकास

इन 2 हार्मोन की कमी से रूक जाता है बच्चे का मानसिक विकास
Views:- Tuesday, March 13, 2018-11:04 AM

बच्चे के शरीर में कई ऐसे हार्मोन्स होते हैं, जो उनके शरीर और मानसिक विकास के लिए जरूरी होेते है। अगर किसी कारण से बच्चों के इन हार्मोंस में गड़बड़ी हो जाए तो, ताकि मुश्किलों का सामना पड़ता है। जिस प्रकार बच्चे की हाइट बढ़ाने वाले हर्मोंस होते है, उसी तरह उनके मानसिक विकास को बेहतर रखने के लिए भी हर्मोंस का योगदान होता है। कुछ बच्चों में इन हार्मोंस की कमी बचपन से ही होती है, जिसकी वजह से उन्हें जीवनभर दिक्कतें झेलनी पड़ता है। आज हम आपको दो प्रमुख हार्मोंस और उनसे होने वाली समस्याओं के बारे में बताएंगे। 

 

बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए स्‍वस्‍थ और पौष्टिक आहार बहुत जरूरी है। अगर उनकी डाइट में पौष्टिक तत्‍व वाले आहार शामिल किए जाए तो इनके शरीर को विकास तेजी से हो सकता है। इसके लिए 5 साल की उम्र से पहले ही बच्चे को मानसिक विकास के उसके खान-पान का विषेश ध्यान रखना चाहिए। बच्‍चे की डाइट में प्रोटीन , फैटी एसिड वाला आहार शामिल करें। 

 

 ये हैं दो प्रमुख हार्मोंस 

1. थायराइड हार्मोन
यह हार्मोन शरीर के लिए काफी जरूरी माना जाता है, जो मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल रखता है। अगर बच्चे में इस हार्मोन की कमी हो जाए तो उसका दिमागी विकास ठीक से नहीं हो पाता।  3 साल की उम्र के बाद अगर हार्मोन की कमी होती है तो उनके मानसिक विकास के बजाएं शारीरिक लंबाई व वजन प्रभावित होने लगता है। 

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थायराइड हार्मोन की कमी के लक्षण 
- अंबलाइकल हर्निया (नाभि का फूलना)
- कब्ज और लंबे समय तक पीलिया 

2. ग्रोथ हार्मोन
यह ऐसा हार्मोन है, जिसकी कमी जन्म से होती है। जन्म के बाद पिट्यूटरी ग्रंथि की बनावट में हार्मोन कम बनते हैं। 

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इस हार्मोन के लक्षण 
- ब्लड में शुगर की कमी
- लंबे समय तक पीलिया
- कम हाइट और वास्तसविक उम्र से छोटा दिखना

ग्रोथ हार्मोस की जांच और उपचार
ग्रोथ हार्मोन के पता लगाने के लिए एमआरआई व म्यूटेशन एनालिसिस की जांच की जाती है। उपचार के लिए इंजेक्शन लगाए जाते हैं। अच्छे डॉक्टर की सलाह लेकर ही ऐसा करें। 


 


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