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CBSE ने किया बड़ा बदलाव, अब 6 से 10वीं तक स्टूडेंट को पढ़नी होगी 3 भाषाएं

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 03 Apr, 2026 06:45 PM
CBSE ने किया बड़ा बदलाव, अब 6 से 10वीं तक स्टूडेंट को पढ़नी होगी 3 भाषाएं

नारी डेस्क:  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपना नया शैक्षिक कार्यक्रम लागू कर दिया है, जिसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से अब क्लास 6 से तीसरी भाषा पढ़ना जरूरी होगा। अभी तक छात्र दो भाषाएं पढ़ते थे, लेकिन अब तीन भाषाएं सीखना जरूरी होगा। इसका असर आगे चलकर 2031 की कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में भी दिखेगा, जब तीसरी भाषा को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। 


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अधिकारी ने कहा- "भाषाओं को तीन चरणों-आर1, आर2 और आर3-में एक सुव्यवस्थित तीन-भाषा ढांचे के तहत व्यवस्थित किया गया है। नये राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे (एनसीएफ) की सिफारिशों के अनुसार, इन तीन भाषाओं में से दो भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए।" उन्होंने कहा, "बहुभाषी शिक्षा के चरणबद्ध कार्यान्वयन के बोर्ड के प्रयासों को जारी रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से तीसरी भाषा को अनिवार्य कर दिया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक छात्र कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन करे।" अधिकारी के मुताबिक- "हालांकि, एक समान भाषा योजना को अपनाना वांछनीय है, लेकिन अगर कोई छात्र विदेश के किसी स्कूल से पढ़कर आया है और उसने वहां कक्षा 8 या 9 तक जो तीसरी भाषा पढ़ी थी, वह भारत के स्कूलों में उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे खास मामलों में उसे निर्धारित मानदंडों के अनुसार छूट दी जा सकती है। 
 

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 अधिकारी के अनुसार, कक्षा 9 के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से गणित और विज्ञान की दो-स्तरीय प्रणाली शुरू होने से दोनों विषयों में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा- "सभी छात्र मानक पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे और तीन घंटे की 80 अंकों की एक समान परीक्षा में शामिल होंगे। उच्च दक्षता का विकल्प चुनने वाले छात्र दोनों विषयों में से किसी एक या दोनों में एक अतिरिक्त 'उन्नत' स्तर का चयन कर सकते हैं। इस स्तर में एक घंटे का 25 अंकों का एक अन्य प्रश्नपत्र हल करना होगा, जिसे उच्च-स्तरीय बौद्धिक कौशल और गहन वैचारिक समझ आंकने के लिए तैयार किया गया है।" अहम बात यह है कि उन्नत परीक्षा में हासिल अंकों को कुल अंकों में नहीं जोड़ा जाएगा, इसके बजाय 50 फीसदी या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की मार्कशीट में उन्नत स्तर की योग्यता अलग से दिखाई जाएगी। उन्होंने बताया कि गणित और विज्ञान के लिए दो-स्तरीय प्रणाली (मानक और उन्नत) पर आधारित कक्षा 10 की पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में आयोजित की जाएगी। 
 

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