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खुद कभी स्कूल नहीं गई सास लेकिन बहू को पढ़ाया, कुछ ऐसी है IAS अदिति की कहानी

  • Edited By Janvi Bithal,
  • Updated: 30 Mar, 2021 12:15 PM
खुद कभी स्कूल नहीं गई सास लेकिन बहू को पढ़ाया, कुछ ऐसी है IAS अदिति की कहानी

आए दिन हम कईं सफलता की कहानियां सुनते हैं। हर किसी की कहानी में अपना संघर्ष होता है। लेकिन हमारे समाज में लोगों ने आज अपने मन में इसी सोच को पक्का कर लिया है कि सास और बहू की आपस में कभी नहीं बन सकती है। वह बेटी और मां की तरह भी नहीं रह सकती हैं। लेकिन आज हम आपको जो कहानी बताने जा रहे हैं वह हमें बहुत कुछ सिखाती है। आज की कहानी 'सास और बहू' कभी प्यार से नहीं रह सकती इस सोच के बिल्कुल विपरीत है।

अनपढ़ सास-ससुर ने बहू को बनाया आईएएस

दरअसल हम बात कर रहे हैं आईएएस अदिति अग्रवाल की। जिन्हें सास और ससुर से इतना प्यार मिला कि उन्होंने अदिति को अपनी बेटी की तरह रखा और उसके लिए सब कुछ किया। न सिर्फ जिंदगी के हर मोड़ पर उन्हें सपोर्ट किया बल्कि उसकी कामयाबी में भी पूरा योगदान दिया।

सास अनपढ़ तो ससुर 10वीं पास

हमारे समाज में कुछ लोगों को ऐसा मानना है कि जो परिवार पढ़ा लिखा नहीं होता है उनकी सोच अलग होती है लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। सफलता तो इस बात पर निर्भर नहीं करती है कि आपका परिवार पढ़ा लिखा है या नहीं बल्कि यह इस बात पर निर्भर करती है कि आपका परिवार आपको कितना सपोर्ट कर रहा है। अदिति की सास अनपढ़ है और ससुर 10वीं पास है लेकिन इसके बावजदू उन्होंने अपनी बहू को आगे बढ़ने के लिए कहा। बहू ने भी सास-ससुर का मान रखा और उन्हें IAS ऑफिसर बनकर दिखाया।

अदिति ने पहले ही प्रयास में पाई सफलता

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खबरों की मानें तो अदिति ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। जी हां वह पहले ही प्रयास में IAS ऑफिसर बन गईं। अदिति की सास मंजू ने सिर्फ बहू का साथ दिया बल्कि खुद घर संभाला और बहू को पढ़ाया ताकि वह अपनी जिंदगी में सफलता पा सके।

हासिल किया 282वां रैंक

बता दें कि अदिति ने एपीजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्ट एंड प्लानिंग ग्रेटर, नोएडा से बीआर्क की डिग्री ली। इसके बाद साल 2015 में अदिति की शादी हो गई। शादी के बाद ही अदिति ने IAS के एग्जाम की तैयारी शुरू करने का मन बनाया। कड़ी मेहनत की और आज नतीजा सब के सामने है। आपको बता दें कि अदिति ने परीक्षा में ऑल इंडिया 282वीं रैंक प्राप्त की थी।

मेरी सफलता का श्रेय मेरी सास व ससुर को जाता है

अदिति अपनी सफलता पर कहती है ,' इस बात में कोई शक नहीं कि हमारे समाज में बहुओं के प्रति सास की अलग सोच देखी जाती है। उनपर कईं तरह के प्रतिबंध लगाए जाते हैं, लेकिन मेरी सास मंजू अग्रवाल ने हर कदम पर मुझे मोटिवेट किया। मेरी सफलता का श्रेय मेरी सास व ससुर को ही जाता है और साथ ही मेरे पति निशांत अग्रवाल ने भी हमेशा मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। मैं हमेशा इनकी आभारी रहूंगी।'

इस तरह मिली प्रेरणा

आपको बता दें कि अदिति ने जब कॉलेज में एडमिशन करवाई तो वहां वह गंदे नाले के पास लोगों को रहते हुए देखती। इससे वह परेशान भी होती और उन्हें बुरा भी लगता। जिसके बाद अदिती ने इस बात के लिए मन बना लिया कि वह आईएएस बनकर इन लोगों के जीवन सुधार के लिए कुछ करेंगी। इसके बाद अदिति ने दिन रात एक किया और पढ़ाई में जुट गईं।

बच्चों के लिए अदिति ने दिए कुछ टिप्स

अदिति कहती हैं कि सिविल सर्विस के एग्जाम के लिए बेसिक स्ट्रांग होना जरूरी है। ऐसा नहीं है कि आप हर समय पढ़ते रहें लेकिन आप जितना भी समय पढ़ाई को दें उस समय सबकुछ भूल कर केवल वहीं कंस्ट्रेट करे।'

सच में आज अदिति की सास और ससुर की हर तरफ तारीफ है। ऐसा समाज में बहुत कम देखने को मिलता है। ऐसे परिवार भी बेहद कम देखने को मिलते हैं जहां बहू को उसके सपने को जी लेने दिया जाता है। वाकई मंजू अग्रवाल को हमारा भी सलाम है।

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