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Brain Stroke में पहले 30 मिनट में ये काम बहुत जरूरी

  • Edited By Vandana,
  • Updated: 03 Feb, 2026 09:06 PM
Brain Stroke में पहले 30 मिनट में ये काम बहुत जरूरी

नारी डेस्कः ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जो तब होती है जब मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है या किसी कारणवश कम हो जाता है। इसका परिणाम मस्तिष्क की कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व न मिलने से होता है, जिससे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित हो जाती है। ब्रेन स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों में चेहरे या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, बोलने या समझने में कठिनाई, दृष्टि समस्याएं और अचानक तेज सिरदर्द शामिल हैं। समय पर पहचान और उपचार से इसके गंभीर परिणामों को कम किया जा सकता है।

ब्रेन स्ट्रोक आने पर पहले 30 मिनट अहम

ब्रेन स्ट्रोक के इलाज में पहले 30 मिनट (Golden Half Hour) इसलिए अहम होते हैं क्योंकि स्ट्रोक के समय मस्तिष्क की कोशिकाएं ऑक्सीजन और पोषण से वंचित हो जाती हैं जितनी जल्दी उपचार शुरू होगा, उतनी अधिक कोशिकाओं को बचाया जा सकता है। शुरुआती 30 मिनट में सही निदान और दवा या थ्रॉम्बोलिसिस (रक्त को पतला करने वाली दवा) देने से स्थाई विकलांगता और गंभीर जटिलताओं का जोखिम कम हो जाता है।

'गोल्डन ऑवर' (पहले कुछ घंटे) में शुरुआती काम 

ब्रेन अटैक (स्ट्रोक) में शुरुआती 'गोल्डन ऑवर' (पहले कुछ घंटे) बहुत अहम हैं; तुरंत FAST (चेहरा टेढ़ा होना, हाथ कमजोरी, बोली लड़खड़ाना) पहचानें, लक्षणों का समय नोट करें और बिना देरी किए सीटी स्कैन व स्ट्रोक सुविधा वाले नजदीकी अस्पताल भागें। हर मिनट हज़ारों कोशिकाएं मरती हैं इसलिए तुरंत इलाज ही जान व दिमाग को बचाया जा सकता है।
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ब्रेन स्ट्रोक की आपातकालीन स्थिति में 30 मिनट से लेकर पहले कुछ घंटों के भीतर किए जाने वाले जरूरी काम

ब्रेन स्ट्रोक में तुरंत क्या करें ?

(FAST सूत्र): लक्षण पहचानें
F (Face): चेहरा एक तरफ लटक गया हो या मुस्कान अजीब हो।
A (Arm): एक हाथ में कमजोरी या उठाने में असमर्थता।
S (Speech): बोली लड़खड़ा रही हो या समझने में दिक्कत हो।
T (Time): समय कीमती है, तुरंत कार्रवाई करें।
समय नोट करें: स्ट्रोक के लक्षण शुरू होने का सटीक समय देखें। यह डॉक्टर को इलाज तय करने में मदद करता है।
तुरंत अस्पताल भागें: एम्बुलेंस बुलाएं या मरीज को तुरंत स्ट्रोक-रेडी अस्पताल (जहां सीटी स्कैन और न्यूरोसर्जन उपलब्ध हों) ले जाएं।
मरीज को लिटाएं: मरीज को आरामदायक स्थिति में लिटा दें और तंग कपड़े ढीले कर दें।
शांत रहें और साथ रहें: मरीज को अकेला न छोड़ें और उसे ढांढस बंधाएं।

ब्रेन स्ट्रोक में क्या न करें?

मरीज को कुछ भी खाने या पीने को न दें।
घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें और न ही एस्पिरिन जैसी दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह के दें। 
याद रखेंः स्ट्रोक के शुरुआती घंटों में उपचार मिलने पर ठीक होने की संभावना बहुत अधिक होती है।

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