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LPG New Rules:अब ऐसे ही नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर, पहले करना होगा ये जरूरी काम

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 06 Apr, 2026 10:03 AM
LPG New Rules:अब ऐसे ही नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर, पहले करना होगा ये जरूरी काम

नारी डेस्क:  दिल्ली सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडर को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा या फैक्ट्री जैसे व्यवसायों को गैस सिलेंडर तभी मिलेगा, जब वे पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन करेंगे। यानी अब बिना PNG के लिए पहल किए, कमर्शियल सिलेंडर पाना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही, सभी व्यवसायों को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) के साथ रजिस्ट्रेशन कराना भी जरूरी कर दिया गया है।

 PNG कनेक्शन के लिए क्या करना होगा?

नए नियमों के अनुसार, जिन इलाकों में PNG पाइपलाइन पहले से मौजूद है, वहां के व्यापारियों को अनिवार्य रूप से कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। वहीं, जिन जगहों पर अभी पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां व्यवसाय करने वालों को एक लिखित वचन देना होगा कि जैसे ही उनके क्षेत्र में PNG सुविधा उपलब्ध होगी, वे तुरंत LPG छोड़कर PNG पर शिफ्ट हो जाएंगे।

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सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

इस फैसले के पीछे मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर LPG की सप्लाई में आ रही दिक्कतें हैं। ईरान से जुड़े तनाव और अन्य अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। भारत अपनी LPG जरूरतों के लिए कुवैत और कतर जैसे देशों पर निर्भर है, जहां हालात अस्थिर हैं। इसके विपरीत, PNG के लिए भारत के पास अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे कई विकल्प मौजूद हैं। इसलिए सरकार LPG पर निर्भरता कम करके PNG को बढ़ावा देना चाहती है।

 PNG के फायदे क्या हैं?

PNG का इस्तेमाल करने से व्यापारियों को कई फायदे मिलते हैं। इसमें गैस 24 घंटे लगातार पाइपलाइन के जरिए मिलती रहती है, जिससे सिलेंडर बुक करने या खत्म होने की चिंता नहीं रहती। इसके अलावा, PNG आमतौर पर LPG के मुकाबले सस्ती होती है, जिससे खर्च कम होता है। सिलेंडर ढोने या स्टोर करने की जरूरत भी नहीं होती, जिससे काम आसान और सुरक्षित बनता है।

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आम लोगों और सरकार को क्या फायदा होगा?

इस बदलाव से व्यापारियों की लागत कम होगी और काम में सुविधा बढ़ेगी। वहीं सरकार को भी फायदा होगा क्योंकि LPG पर दी जाने वाली सब्सिडी का बोझ कम होगा। PNG में सब्सिडी नहीं होती, इसलिए सरकारी खर्च घटेगा। साथ ही, पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाना ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित होता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होता है।

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कीमतों का क्या असर पड़ा है?

हाल ही में 1 अप्रैल से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में लगातार तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती कीमतों ने व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डाला है। इसी को देखते हुए सरकार PNG कनेक्शन को बढ़ावा दे रही है और इसके लिए नियमों को आसान बना रही है, ताकि लोग जल्दी और आसानी से इस विकल्प को अपना सकें।

कुल मिलाकर, दिल्ली में कमर्शियल गैस उपयोग करने वाले व्यवसायों के लिए PNG की ओर शिफ्ट होना अब लगभग जरूरी हो गया है। नए नियमों के तहत अगर आपने अभी तक PNG के लिए आवेदन नहीं किया है, तो जल्द ही कर लेना बेहतर होगा, क्योंकि आने वाले समय में LPG सिलेंडर मिलना मुश्किल हो सकता है।   
 

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