नारी डेस्क: आजकल कई लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सतर्क हैं। वे संतुलित आहार लेते हैं, हरी सब्जियां खाते हैं और नियमित एक्सरसाइज भी करते हैं। इसके बावजूद शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है। यह स्थिति कई लोगों के लिए हैरानी का कारण है कि आखिर अच्छी डाइट के बाद भी खून की कमी क्यों हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार, यह समस्या सिर्फ खानपान से जुड़ी नहीं होती, बल्कि शरीर की कई अंदरूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करती है।
क्या है हीमोग्लोबिन और क्यों जरूरी है?
हीमोग्लोबिन शरीर में मौजूद वह प्रोटीन है जो खून के जरिए ऑक्सीजन को पूरे शरीर में पहुंचाता है। इसकी कमी होने पर शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। अच्छी डाइट के बावजूद हीमोग्लोबिन कम होने के कारण।
पोषक तत्वों का सही अवशोषण न होना
कई लोग आयरन से भरपूर चीजें जैसे पालक, दालें और फल तो खाते हैं, लेकिन शरीर उन्हें ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता। यानी समस्या खाने में नहीं, बल्कि पाचन और अवशोषण (Absorption) में होती है।
Vitamin C Absorption Role की कमी
विटामिन C शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाने में मदद करता है। अगर आप आयरन तो ले रहे हैं, लेकिन साथ में नींबू, संतरा या आंवला जैसे स्रोत नहीं ले रहे, तो शरीर आयरन का पूरा फायदा नहीं उठा पाता।
पाचन तंत्र की गड़बड़ी
कमजोर पाचन या समस्याएं जैसे गैस, एसिडिटी या IBS होने पर शरीर पोषक तत्वों को सही तरीके से नहीं ले पाता, जिससे हीमोग्लोबिन का स्तर गिर सकता है।
Vitamin B12 Deficiency और फोलिक एसिड की कमी
B12 और फोलिक एसिड लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के निर्माण के लिए जरूरी होते हैं। इनकी कमी से खून बनने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है।
ज्यादा ब्लीडिंग (खासकर महिलाओं में)
महिलाओं में पीरियड्स के दौरान अधिक ब्लीडिंग, गर्भावस्था या हार्मोनल बदलाव भी हीमोग्लोबिन कम होने का बड़ा कारण बन सकते हैं।
Iron Deficiency Anemia का खतरा
अगर लंबे समय तक शरीर में आयरन की कमी बनी रहती है, तो यह धीरे-धीरे आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया (Iron Deficiency Anemia) का रूप ले सकती है। यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें शरीर में पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बन पातीं, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है और व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी, चक्कर आना और सांस फूलने जैसी समस्याएं होने लगती हैं। समय पर ध्यान न देने पर यह स्थिति और भी गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।
किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज?
लगातार थकान और कमजोरी
चक्कर आना और सांस फूलना
आंखों के सामने अंधेरा छाना
त्वचा का पीला पड़ना।
क्या करें बचाव के लिए?
आयरन के साथ विटामिन C जरूर लें
पाचन तंत्र को स्वस्थ रखें
B12 और फोलिक एसिड की जांच कराएं
नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें।
अच्छी डाइट लेने के बावजूद हीमोग्लोबिन कम होना सिर्फ खानपान की समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के अवशोषण, विटामिन की कमी और अन्य स्वास्थ्य कारणों से जुड़ा हो सकता है। समय रहते इसकी जांच और सही इलाज बहुत जरूरी है, ताकि आगे चलकर यह गंभीर समस्या का रूप न ले।