
नारी डेस्क: नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। सोमवार को इस केस में बड़ा अपडेट सामने आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद जांच की दिशा और तेज हो गई है।
SIT की पूछताछ में समर्थ सिंह के दावे
इधर, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह से लंबी पूछताछ की। लगभग तीन घंटे चली इस पूछताछ में समर्थ सिंह ने कई दावे किए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसने कहा कि गर्भपात के बाद ट्विशा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। जांच के दौरान जब उससे फरार रहने की अवधि को लेकर सवाल पूछे गए तो उसने कई बार जवाबों में असंगति दिखाई और जांचकर्ताओं को भ्रमित करने की कोशिश की। इसके अलावा उसने यह दावा भी दोहराया कि उसने ट्विशा को 7 लाख रुपये दिए थे।
घटनास्थल का रीक्रिएशन और जांच में तेजी
पूछताछ के बाद SIT ने घटनास्थल का रीक्रिएशन भी कराया, ताकि घटनाक्रम को बेहतर तरीके से समझा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही कई और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं। पीड़ित परिवार के वकील अंकुर पांडे ने जानकारी दी कि सह-आरोपी गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को राज्य सरकार ने कोर्ट में चुनौती दी है। वहीं, मृतका के पिता ने भी अलग से याचिका दायर कर जमानत रद्द करने की मांग की है। गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी कर दिया गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 27 मई 2026 को दोपहर 2:30 बजे तय की है।
शादी के बाद से विवादों में रहा मामला
जानकारी के अनुसार, ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के रहने वाले समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद 12 मई को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज को लेकर ताने दिए जाते थे और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।