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लाइफ स्किल्स: बच्चों के जिंदगीभर काम आएंगे ये गुण

  • Edited By Sunita Rajput,
  • Updated: 26 Jun, 2019 04:21 PM
लाइफ स्किल्स: बच्चों के जिंदगीभर काम आएंगे ये गुण

छुट्टियों को शुरू हुए कुछ दिन हो चुके हैं। अब तक बच्चों ने काफी खेल कूद और मस्ती कर ली होगी और कई बच्चे सैर-सपाटा भी कर चुके होंगे। यानी अब वक्त है कुछ नया सीखने का। कुछ ऐसा जो जिंदगी में उनके हमेशा काम आए। चलिए आज आपको बच्चों को सिखाने वाले कुछ गुर बताते है जो उनके भविष्य में काफी काम आएंगे। 

 

साइक्लिंग, ड्राइविंग, स्विमिंग

सभी स्कूल छात्रों को साइकिल चलाना सीखना चाहिए। साइकिल चलाना ना सिर्फ एक बढ़िया व्यायाम है बल्कि यह एक मस्ती करने का बढ़िया तरीका भी है। वहीं अगर आप 18 से अधिक आयु के हैं तो किसी ड्राइविंग स्कूल में जाकर इसे भी सीख लें। इसके अलावा स्विमिंग भी एक अन्य लाइफ स्किल है, जो सभी को सीखनी चाहिए। यह भी बच्चों को फिट रखने के लिए जरूरत पड़ने पर जान बचाने के काम भी आती है।

 

कुकिंग

लड़का हो या लड़की, हर बच्चे को थोड़ी-बहुत कुकिंग तो सीखनी ही चाहिए। कई बार पढ़ाई के सिलसिले में आपको बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में अगर बच्चों कुकिंग आती होगी तो वो बाहर का खाना नहीं खाएंगे। साथ ही इससे पैसे भी बचेंगे। आत्मनिर्भर बनने के लिए यह सबसे जरूरी कौशल में से एक है।

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नई भाषा

जरूरी नहीं कि आप सिर्फ इंग्लिश या हिंदी भाषा ही सीखें। इससे हटकर आप कुछ नया भी ट्राई कर सकते हैं। आप चाहे तो मराठी, गुजराती या पंजाबी भाषा भी सीख सकते हैं। वहीं अगर बच्चा विदेश जाना चाहता है तो उसे जर्मन, फ्रांसिसी, चीनी, स्पेनिश जैसी भाषाओं की क्लास में डालें। शुरूआत में उन्हें उनकी पसंद की भाषा की मूल बातें सीखने दें, ताकि वह धीरे-धीरे पकड़ व मजबूती बना सके।

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कम्युनिटी सर्विस

बतौर स्वयंसेवी काम करके आप एक अच्छे नागरिक बनने की राह पर अग्रसर हो सकते हैं। इससे आपकी योग्ताओं में भी इजाफा होता है, जो आपको विदेश में पढ़ाई के दौरान भी काम में आ सकता है। इससे आपको टीम के साथ काम करने जैसे अन्य कई कौशल सीखने में भी मदद मिलती है।

 

'फर्स्ट एड' और 'सी.पी.आर.'

'फर्स्ट एड' और 'सी.पी.आर.' एक जीवन रक्षक ज्ञान है, जिसे जरूरत पड़ने पर बच्चे अपने लिए ही नहीं बल्कि दूसरों के लिए यूज कर सकते हैं। इससे बच्चे को प्राथमिक चिकित्सा के बारे में सीखाया जाता है। इससे बच्चे आसानी से कुछ ही दिनों में सीख सकते हैं। चाहे तो हफ्ते में एक दिन जैसे संडे को इसकी ट्रेनिंग लेकर भी निपुण हुआ जा सकता है।

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