नारी डेस्क : आज के समय में कम उम्र में ही बालों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बालों का झड़ना, पतले होना, रूखापन और समय से पहले सफेद होना अब आम बात हो गई है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए लोग महंगे शैंपू, तेल और ट्रीटमेंट पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन फिर भी बालों की हालत में खास सुधार नहीं दिखता। इसी मुद्दे पर प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने हाल ही में खुलकर बात की है। उनका कहना है कि बालों का सबसे बड़ा दुश्मन कोई और नहीं, बल्कि हम खुद हैं। हम नेचुरल चीजों को छोड़कर केमिकल प्रोडक्ट्स पर ज्यादा भरोसा करने लगे हैं, जो बालों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं।
कौन है बालों का सबसे बड़ा दुश्मन?
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में अनिरुद्धाचार्य कहते नजर आ रहे हैं कि बालों का सबसे बड़ा दुश्मन शैंपू है। उनके अनुसार, बार-बार शैंपू करने से बालों का प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है, जिससे बाल कमजोर होने लगते हैं। इसलिए केमिकल शैंपू की जगह प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद होता है।

शैंपू इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान
अनिरुद्धाचार्य के अनुसार, ज्यादा शैंपू करने से बालों को ये नुकसान हो सकते हैं।
बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं
बालों का नैचुरल ऑयल खत्म हो जाता है
स्कैल्प या हाथों पर दाने निकल सकते हैं
बाल पतले और बेजान हो जाते हैं
स्कैल्प में जलन और खुजली की समस्या होती है।
बालों को मजबूत बनाने के लिए क्या करें?
वीडियो में अनिरुद्धाचार्य ने अपने मजबूत, चमकदार और घुंघराले बालों का राज भी बताया। उनका कहना है कि बालों के कमजोर होने की मुख्य वजह गलत जीवनशैली, खराब खानपान और मानसिक तनाव है। अगर समय रहते इन आदतों को सुधारा जाए, तो कमजोर बाल फिर से मजबूत और घने हो सकते हैं।
क्या है उनका नेचुरल नुस्खा?
सामग्री
सूखा आंवला: जरूरत के अनुसार
शिकाकाई: जरूरत के अनुसार
रीठा: जरूरत के अनुसार

इस्तेमाल करने की विधि
सबसे पहले पंसारी की दुकान से आंवला, शिकाकाई और रीठा खरीद लें।
घर लाकर तीनों को मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें।
इस पाउडर को रातभर पानी में भिगोकर रखें।
अगली सुबह इसी पानी से बाल धोएं।
कुछ देर बालों में लगाकर रखें, फिर सादा पानी से सिर धो लें।
इस उपाय से बालों में मजबूती आती है, झड़ना कम होता है और बाल हेल्दी बने रहते हैं।
नोट: यह घरेलू उपाय सामान्य जानकारी पर आधारित है। अगर बालों की समस्या ज्यादा गंभीर हो, तो डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।