
नारी डेस्क: छोटे बच्चों में अक्सर देखा जाता है कि वे खेलते या बैठते समय पैरों को पीछे की तरफ मोड़कर “W” शेप में बैठ जाते हैं। यह पोज़िशन उन्हें आरामदायक लगती है, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक ऐसा बैठना नुकसानदायक हो सकता है। अगर बच्चा हमेशा इसी पोज़िशन में बैठता है, चलते समय पैर अंदर की तरफ मोड़ता है या बार-बार गिरता है तो इस पर ध्यान देना बेहद जरुरी है।

क्या है W-Position?
इसे “W-sitting” कहा जाता है, जिसमें बच्चे के दोनों घुटने आगे की तरफ मुड़े होते हैं, पैर पीछे की तरफ फैले होते हैं। शरीर बीच में “W” जैसा दिखता है। इस पोज़िशन से कूल्हों (hips) और घुटनों पर दबाव बढ़ता है, आगे चलकर Hip Dysplasia का खतरा हो सकता है। पैरों को पीछे की तरफ मोड़कर बैठने से बच्चे के कोर मसल्स (core muscles) ठीक से विकसित नहीं हो पाते बैलेंस और स्ट्रेंथ कमजोर रह सकती है
चलने और पोस्चर पर असर
इससे बच्चे के चलने का तरीका (walking pattern) प्रभावित हो सकता है। आगे चलकर झुककर चलना या गलत पोस्चर बन सकता है। इस पोज़िशन में बच्चे एक ही दिशा में बैठे रहते हैं, इससे शरीर की मूवमेंट और फ्लेक्सिबिलिटी कम हो सकती है

बच्चों को सही बैठने की सही आदत सिखाएं
बच्चे को “क्रॉस लेग” (पालथी मारकर) बैठना सिखाएं, या पैरों को सामने फैलाकर बैठने को कहें। उन्हें एक ही पोज़िशन में ज्यादा देर बैठने न दें
। बच्चो को दौड़न, कूदन जैसीएक्टिविटी करवाएं इससे मसल्स और बैलेंस मजबूत होता है। अगर आदत ज्यादा हो, तो एक्सपर्ट की मदद लें। बच्चों की ये छोटी आदतें आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकती हैं, इसलिए समय रहते ध्यान देना बेहद जरूरी है।