नारी डेस्क: इन दिनों मौसम लगातार बदल रहा है। कभी तेज़ गर्मी और कभी बारिश के बाद अचानक ठंड, इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं पर पड़ रहा है। कई माता-पिता अब डॉक्टरों के पास ऐसे बच्चों को लेकर आ रहे हैं जिन्हें वायरल इंफेक्शन और दस्त जैसी समस्याएं हो रही हैं।
मौसम बदलने के कारण बढ़ रहा वायरल इंफेक्शन
चाइल्ड स्पेशलिस्ट के अनुसार, इस समय बच्चों में वायरल इंफेक्शन के मामलों में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि अचानक मौसम बदलने के कारण बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। इसके चलते छोटे-मोटे वायरल इंफेक्शन आसानी से बच्चों को प्रभावित कर रहे हैं। नवजात और छोटे बच्चे सबसे शिशु और छोटे बच्चे अपने शरीर का तापमान खुद नियंत्रित नहीं कर पाते, इसलिए अचानक ठंड या गर्मी से उनकी सेहत पर असर पड़ता है। वायरल के बाद दस्त मौसम बदलने के कारण बच्चों में वायरल इंफेक्शन के साथ पेट की समस्या जैसे दस्त भी देखने को मिल रहे हैं।

बच्चों के खाने-पीने की आदतें भी कारण
गर्म मौसम में बच्चे अक्सर ठंडी चीजें खाने या ठंडा पानी पीने लगते हैं। जैसे ही मौसम अचानक ठंडा होता है, वही चीज बच्चों के पेट पर असर डालती है। इसके कारण उन्हें दस्त लगते हैं और कुछ मामलों में खून भी दिखाई दे रहा है। इस तरह की आदतें बच्चों के इम्यून सिस्टम पर और दबाव डालती हैं।
क्या सावधानी बरतें: डॉक्टर की सलाह
माता-पिता को कुछ जरूरी उपाय ताकि बच्चे वायरल इंफेक्शन और पेट की समस्याओं से बच सकें
ठंडी चीजों से बचाएं: इस समय बच्चों को ठंडा पानी, आइसक्रीम, ठंडी ड्रिंक या अन्य ठंडी चीजें न दें।
नवजात शिशुओं का ध्यान रखें: अचानक गर्म मौसम में माता-पिता नवजात के कपड़े उतार देते हैं, लेकिन इससे उन्हें ठंड लग सकती है। नवजातों को मौसम के अनुसार हल्के लेकिन पर्याप्त कपड़े पहनाएं।

गुनगुना पानी पिलाएं: बच्चों को जितना हो सके गुनगुना पानी दें ताकि उनका पेट स्वस्थ रहे और वायरल इंफेक्शन से बचाव हो।
दवा स्वयं न दें: बच्चे बीमार हों तो केमिस्ट की दवा खुद न दें। केवल योग्य चाइल्ड स्पेशलिस्ट के पास जाकर इलाज कराएं।
माता-पिता को क्या करना चाहिए
बच्चों को अचानक मौसम परिवर्तन से बचाने के लिए सही कपड़े पहनाएं। ठंडी चीजों का सेवन रोकें। गुनगुना पानी और हल्का भोजन दें। बच्चे में वायरल इंफेक्शन या दस्त के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कि इन सावधानियों को अपनाकर माता-पिता बच्चों को वायरल इंफेक्शन और पेट संबंधी बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं।