नारी डेस्क: बॉलीवुड और भजन की दुनिया में अपना नाम कमाने वाली सिंगर अनुराधा पौडवाल पिछले कई सालों से लाइमलाइट की दुनिया से दूर थी। सालों बाद एक बार फिर वह अपने इंटरव्यू के जरिए सुर्खियों मे आई है। अपनी गायिकी से नाम कमाने वाली अनुराधा पौडवाल की जिंदगी में ऐसा मोड़ आया था जब वह पूरी तरह से टूट गई थी और वो गम उनके बच्चों के साथ जुड़ा था।
सालों बाद छलका अनुराधा पौडवाल का दर्द
शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट शो में अनुराधा पौडवाल ने अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी वो बातें शेयर की जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया था। जब शुभांकर ने उनसे लाइफ के सबसे बड़े ब्रेकडाउन के बारे में पूछा जब वो सबसे ज्यादा कमजोर पड़ गई थी जो अनुराधा ने बताया कि उनकी 25 दिन की मासूम बेटी की मौत ने उन्हें बुरी तरह तोड़ दिया था। इसके बाद तो वह इंडस्ट्री तक छोड़ने को तैयार हो चुकी थी।
25 दिन की बेटी की मौत ने बदल दी पूरी जिंदगी
इस पर अनुराधा ने कहा, ‘जब मैंने अपनी पहली बेटी को खोया, वो सिर्फ 25 दिन की थी। ये वो समय था जब मैंने गिव अप करने का सोच लिया था। मैं म्यूजिक को छोड़ने का फैसला कर चुकी थी। उसके बाद फिर मैं दक्षिणेश्वर में काली के मंदिर गई। फिर वहां मन्नत मांगी और वो पूरी हो गई। बेटी खोने की बात अनुराधा ने पहली बार ऐसे इंटरव्यू में शेयर की है। साल 2020 में उन पर दुखों का पहाड़ तब टूटा था जब उनके 35 साल के बेटे की मौत किडनी फेलियर से हुई थी।
पति अरुण पौडवाल के निधन के बाद अकेले संभाली जिम्मेदारियां
अनुराधा ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने म्यूजिक कंपोजर अरुण पौडवाल से शादी की थी। इस जोड़ी ने फिल्मों के गानों और भक्ति एल्बमों समेत कई म्यूजिकल प्रोजेक्ट्स पर साथ काम किया लेकिन अरुण पौडवाल का साल 1991ekyawan में निधन हो गया और उनके बेटे आदित्य भी साल 2020 में दुनिया को अलविदा कह गए। अब उनकी केवल एक बेटी कविता पौडवाल हैं। वह भी अपनी मां की तरह ही गायिका हैं।
अनुराधा पौडवाल का असली नाम अल्का नदकरनी है। कर्नाटक के कोंकणी परिवार में पैदा हुई अनुराधा का परिवार बाद में मुंबई आ गया था। अनुराधा की पढ़ाई सेंट जेवियर्स कॉलेज मुंबई से हुई है। अनुराधा की शादी अरुण पौडवाल से हुई थी, जो एसडी बर्मन के असिस्टेंट और खुद भी एक म्यूजिक कंपोजर थे। कहा जाता है कि पति अरुण पौडवाल की मौत हो जाने के बाद अनुराधा पूरी तरह से अकेली पड़ गई थी। साथ में दो बच्चों की जिम्मेदारी भी अनुराधा की सिर पर आ गई थी।

टी-सीरीज और गुलशन कुमार ने दिया करियर को नया मुकाम
इसी बीच उनकी मुलाकात गुलशन कुमार से हुई। अकेली अनुराधा को गुलशन का सहारा मिला। अनुराधा ने करीब 10 साल से ज्यादा समय तक टी-सीरीज के लिए काम किया। गुलशन कुमार ने अनुराधा को एक के बाद एक कई गाने दिए। इसी बीच दोनों के अफेयर की चर्चा शुरू हुई हालांकि, दोनों में से किसी ने कभी भी इस बारे में खुलकर कुछ नहीं कहा।
अनुराधा ने करियर के पीक पर फैसला लिया कि वो अब सिर्फ गुलशन कुमार की कंपनी टी-सीरीज के लिए ही गाएंगी। उनके लिए इस फैसले ने उनका करियर बर्बाद कर दिया। अनुराधा के इस फैसले का फायदा अलका याग्निक और दूसरी सिंगर्स को मिला। जैसे ही अनुराधा ने फिल्मों को छोड़ भजन गाने शुरू किए, उनका करियर ढलान पर आने लगा। वहीं गुलशन कुमार के निधन के बाद उन्होंने फिल्मी गानों को पूरी तरह अलविदा कह दिया और बाद में सिंगिंग से ही दूरी बना ली।
तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड और अनगिनत यादगार गाने
लेकिन दुखों ने उनका साथ नहीं छोड़ा। पति की मौत और फिर गुलशन कुमार को खोने के बाद अनुराधा पौडवाल के बेटे आदित्य ने भी उनका दामन छोड़ दिया। किडनी फेल होने की वजह 12 सितंबर 2020 को आदित्य की मौत हो गई। अनुराधा के लिए उनकी बेटी कविता पौडवाल ही उनका सहारा है।बता दें अनुराधा पौडवाल ने अपना सिंगिंग करियर साल 1973 (तिहत्तर) में फिल्म 'अभिमान' से शुरु किया था। उन्होंने 'लाल दुपट्टा मलमल का', 'आशिकी', 'तेजाब' और 'दिल है कि मानता नहीं' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। अनुराधा पौडवाल ने बॉलीवुड गानों और भजनों के अलावा पंजाबी, बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगु, उड़िया और नेपाली भाषा में भी गाने गाए हैं। उन्हें फिल्म 'आशिकी', 'दिल है कि मानता नहीं' और 'बेटा' फिल्म में सिंगिंग के लिए तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किए।