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Health Update: बच्चे की कुपोषित डाइट के 8 संकेत, समय रहते हो जाएं सतर्क

Health Update: बच्चे की कुपोषित डाइट के 8 संकेत, समय रहते हो जाएं सतर्क
Views:- Sunday, December 2, 2018-6:38 PM

बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास उसके पोषण पर निर्भर करता है। कई बार खान-पान का बहुत ज्यादा ध्यान रखने पर भी बच्चे में कमजोरी आ जाती है। इसका कारण बैलेंस डाइट का अभाव
है। विटामिन, मिनरल्स और पोषक तत्वों की कमी रह जाने से बच्चा कुपोषण का शिकार हो जाता है। जिससे प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है और बीमारियां बहुत जल्दी घेर लेती हैं। कुछ लक्षणों पर गौर करके इस बात का पता लगाया जा सकता है कि बच्चे में पोषक तत्वों की कमी है। 

बच्चों में पोषक तत्वों की कमी के लक्षण

बच्चे की डाइट में थोड़ा-थोड़ा बदलाव करते रहें ताकि खाने में उसकी रुचि भी बनी रहे और पोष्टिक तत्वों की कमी भी न हो।  

बेचैनी, घबराहट और अवसाद

हमेशा बेचैनी, घबराहट और तनाव महसूस होना पोषक तत्वों की कमी का कारण है। इनके लिए अमीनो एसिड जिम्मेदार हैं। यह एसिड सिर्फ मांसपेशियों के निर्माण ही नहीं बल्कि मस्तिष्क के विकास में भी बहुत जरूरी है क्योंकि न्यूरोट्रांसमीटर हमें खुश और शांत रखते हैं। इनकी कमी से दिमाग अशांत और बेचैन रहने लगता है।  

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बचाव 

बच्चे की डाइट में प्रोटीन युक्त आहार शामिल करने से शरीर में अमीनो एसिड की कमी पूरी हो जाती है। इससे मांसपेशियों को बहुत आराम मिलता है। वेजीटेरियन फूड्स में दूध, पनीर ,दही, मक्खन और अंडे, चिकन, मीट इस कमी को जल्दी पूरा करते हैं। 

हमेशा हाइपरएक्टिव रहना

कुछ बच्चे हमेशा उछल-कूद करते रहते हैं, इस तरह के बच्चे हाइपरएक्टिव होते हैं। कभी शांत न बैठने के कारण इनका मस्तिष्क बहुत क्रियाशील होता है। एक्सपर्ट का मानना है कि इस तरह के बच्चे में अच्छे बैक्टीरिया की कमी होती है। जिससे पाचन तंत्र कमजोर रहता है। 

बचाव 

बच्चे की डाइट से प्रोसेस्ड फूड जैसे चिप्स, केक, पिज्जा, बर्गर, पेटीज, मफिन्ज आदि निकाल कर  दही और हेल्दी फूड शामिल करें। इससे उनके स्वभाव में बदलाव आना शुरू हो जाएगा। 

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बच्चे का देरी से बोलना

कुछ बच्चे बहुत कम या देरी से बोलते हैं इसका कारण शरीर में विटामिन बी 12 की कमी हो सकती है। इस कमी को पूरी करने के लिए उन्हें सप्लीमेंट्स देने की गलती न करें। उनकी डाइट के साथ स्पीच थैरेपी इसमें बहुत कारगर है। 

बचाव 

बच्चे को अंडा,मीट, मछली, चिकन सूप, दूध और दूध से बने उत्पाद जैसे कि पनीर, लस्सी,मक्खन दही आदि खिलाएं। शाकाहारी आहारों में विटामिन B12 नहीं पाया जाता है। 

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बेजान और रूखे बाल 

बच्चे के रूखे-सूखे और बेजान बाल शरीर में आयरन, विटामिन ए, के, डी, ई और के2 की कमी का संकेत है। 

बचाव

ड्राई फ्रूट्स, सोयाबीन, पनीर, ब्रोकली, अंकुरित अनाज, सी फूड्, मछली आदि बच्चे की डाइट में शामिल करें।

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दांतों की सड़न और कैविटीज

जो बच्चे बहुत ज्यादा मीठा या फिर चॉकलेट खाते हैंं उनके दांतों में कैविटीज होना स्वभाविक है। इसके अलावा दांतों की सफाई न करने से भी यह परेशानी आती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि पोषक तत्वों की कमी भी इसका कारण है। 

बचाव 

मीठी चीजों से परहेज रखें, इसके अलावा दूध, पनीर, पालक, ब्रोकली, फल, दही आदि बच्चे की डाइट में शामिल करें।

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सर्दी और जुकाम रहना

बच्चे को लगातार सर्दी-खांसी और जुकाम बना रहे तो यह प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का संकेत है। 

बचाव 

बच्चे के आहार में विटामिन सी युक्त आहार और विटामिन डी जैसे तत्वों को पूरा करें।

बच्चे का जिद्दी स्वभाव 

शरीर में स्वस्थ वसा और ओमेगा 3s जैसे तत्वों की कमी उसके जिद्दी स्वभाव का कारण है। अगर बच्चे को पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिलें तो यह कमी पूरी हो जाती है। 

बचाव

गाजर, मक्खन, नारियल, नारियल का तेल, मछली आदि इस कमी को पूरा करते हैं। 

मोटापा

पोषक तत्वों की कमी से शारीरिक कमजोरी ही नहीं बल्कि कुछ बच्चे मोटापे का शिकार भी हो जाते हैं। बच्चे का बढ़ता वजन भी चिंता का कारण है। पोषक तत्वों की कमी के कारण खाना खाने के बाद भी बच्चे को भूख का आहसास होने लगता है। 

बचाव

बच्चे की डाइट पर पूरा ध्यान दें। एक तरह का खाने खिलाने की बजाए उसे बैलेंस डाइट दें। योग, एक्सरसाइज, आउटडोर एक्टीविटी के साथ-साथ बच्चे को हरी सब्जियां, फल, सूप आदि खाने के लिए दें। उसे प्रोसेस्ड फूड से दूर रखें। 

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