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एक बेटी खोई लेकिन दूसरी बेटियों के लिए मिसाल बना पिता

  • Edited By khushboo aggarwal,
  • Updated: 07 Nov, 2019 05:48 PM
एक बेटी खोई लेकिन दूसरी बेटियों के लिए मिसाल बना पिता

लोगों के जीवन में बहुत सारी ऐसी घटनाएं होती है जो उन्हें तोड़ कर रख देती है लेकिन कुछ लोग इन घटनाओं से टूटते नहीं है बल्कि इनसे प्रेरणा लेते है। लोग उन घटनाओं से प्रेरणा लेकर समाज में बदलाव लाने की कोशिश करते है ताकि वह समाज को एक नया रुप दे सके। कौन बनेगा करोड़पति के शो में इस शुक्रवार हॉट सीट पर पहुंचने वाले कर्मवीर श्याम सुंदर पालीवाल भी इसी तरह के इंसान है। 

 

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केबीसी की नई वीडियो में दिखाया गया है कि समाज सेवक श्याम सुंदर पालीवाल की जब बेटी की मौत हुई थी तो उन्हें बहुत धक्का लगा था। बेटी को खोने के बाद उन्होंने हिम्मत हारने की जगह एक मुहिम शुरु की। उन्होंने बताया कि गांव में कोई भी घर बेटी होने से दुखी होता तो वह गाजे-बाजे के साथ उनके घर जाते और उन्हें जश्न मनाने के लिए कहते। वह कहते कि यह उदास होने का समय नहीं है बल्कि खुशी मनाने का है क्योंकि घर में लक्ष्मी आई हैं। उसके बाद वह गांव में उस लड़की के नाम पर 111 पौधे लगाते है। इसी तरह श्याम सुंदर गांव की बच्चियों और प्राकृति का भला कर रहे है। इस एपीसोड में श्याम सुंदर का साथ देने के लिए टीवी एक्ट्रेस साक्षी तंवर पहुंचने वाली हैं। 

 

 

 

18 साल में हुई थी बेटी की मृत्यु

2007 में डिहाइड्रेशन के कारण  श्याम की बड़ी बेटी किरण की18 साल में मृत्यु हो गई थी। यह पल न केवल उनके बल्कि गांव के लोगों के लिए भी एक बदलाव के तौर पर आया। तब उन्होंने गांव में होने वाली हर लड़की के पैदा होने पर 111 पौधे लगाने और 31 हजार का फिक्स्ड डिपॉजिट करवाने का फैसला लिया। यह राशि लड़की को बड़ी होने के बाद दी जाती है।  इतना ही नहीं, पैसे देने की शर्त यह है कि उसकी शादी 18 साल से पहले नहीं की जाएगी और यह पैसे दहेज के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाएंगे। इन पैसों में 10 हजार लड़की का परिवार और बाकी के पैसे पंचायत और लोग मिलकर डालते है।

 

लगा चुके है 3,50,000 पौधे 

श्याम सुंदर की पहल के बाद गांव में 3,50,000 से अधिक पेड़ लगाए गए है जिससे गांव में पानी का लेवल काफी बढ़ गया है। पेड़ों को कीड़ों से बचाने के लिए उनके चारों तरफ एलोवेरा के पौधे लगाए जाते है। इससे गांव में रोजगार भी काफी बढ़ा है क्योंकि वहां के लोग ऐलोवेरा से कई तरह के प्रोडक्ट बना कर मार्किट में बेचते है। इसके साथ ही गांव में 10,000 गुलाब के भी पौधे लगाए जा चुके है।


 

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