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मेरी बहू-बेटी एक समान

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 07 Aug, 2020 02:14 PM
मेरी बहू-बेटी एक समान

जमाना भले ही मॉर्डन होता जा रहा हो लेकिन कहीं ना कहीं आज भी बहू और बेटी में फर्क किया जाता है। आज भी बहुत से लोग रूढ़ीवादी सोच को लेकर बैठे हैं कि बहू कभी बेटी नहीं बन सकती। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो सचमुच अपनी बहू को बेटी की तरह प्यार देते हैं। अगर एक सास यह समझ ले कि मेरी बहू और बेटी एक समान है तो काफी सारी प्रॉब्लम्स का हल यूं ही निकल जाए।

औरत ही समझें औरत का दुख

कहते हैं एक औरत ही औरत का दुख समझ सकती है लेकिन बात जब सास बहू की आती है तो औरत ही औरत की दुशमन बन जाती है। लेकिन अगर सास मां और बहू बेटी की तरह एक-दूसरे को समझें तो काफी सारी समस्याएं हल हो जाए। सास और बहू भी मां-बेटी की तरह रह सकती हैं बस हर औरत को नजरिया बदलने की जरूरत है।

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पहले ही बना लेते हैं सोच

कोई भी बहू घर तोड़ने का सोचकर शादी नहीं करती और ना ही कोई भी सास अपनी बहू को सताने के लिए। दरअसल, हम पहले से ही अपनी सोच बना लेते हैं कि बहू है तो ऐसा ही करेगी, सास है तो ऐसा ही करेगी। जबकि यह गलतफहमी बहुत-सी बातें सच और रिश्ते खराब कर देती हैं। अपनी सोच बदलें। एक-दूसरे को प्यार दें और प्यार पाएं। आपका एक कदम रिश्ते को मजबूत बना सकता है।

सास को बेटा खोने का दुख

शादी के बाद सास को इस बात का डर होता है कि उसका बेटा जोरू का गुलाम ना बन जाए और उसे छोड़कर ना चला जाए। अपनी इस इनसिक्योरिटी के चलते वह बहू पर रोब मारने लगती है। अगर आप अपनी बहू को बेटी की तरह बनाकर रखेंगी तो वह भला आपसे अलग होगी ही क्यों।

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बहू कोई कामवाली नहीं

जिस देश में कोर्ट को यह आदेश देना पड़े कि बहू कामवाली नहीं, वहां का भविष्य तो आप खुद ही सोच सकते हैं। दरअसल, भारतीय समाज में महिलाएं सोचती हैं कि हमारे साथ भी ऐसा ही हुआ था तो उनकी बहू भी वैसा ही करें। ज्यादातर महिलाए अभी भी बहू पर तानाशाही करना अपना हक समझती हैं जबकि जरूरी नहीं कि सास मां और बहू बेटी ही बनें लेकिन एक-दूसरे से इंसानियत का रिश्ता तो रखा जा सकता है। बहू के साथ कामवाली, मेहमानों और केयरटेकर की तरह व्यवहार ना करें। वहीं बहू भी अपनी सास के साथ ईष्या ना रखें और अपनी मां की तरह समझें।

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