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हीमोग्लोबिन की कमी से कौन सी बीमारियां होती है? महिलाओं के लिए जरूरी जानकारी

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 02 Feb, 2026 12:48 PM
हीमोग्लोबिन की कमी से कौन सी बीमारियां होती है? महिलाओं के लिए जरूरी जानकारी

नारी डेस्क: हीमोग्लोबिन हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी प्रोटीन है। यह रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है और शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। शरीर के एनर्जी लेवल और समग्र स्वास्थ्य के लिए यह आवश्यक है। जब हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है, तो शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसके कारण थकान, कमजोरी, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

विशेष रूप से महिलाओं, प्रेग्नेंट महिलाओं, टीनेजर, बच्चों और बुजुर्गों में हीमोग्लोबिन का स्तर जल्दी कम हो सकता है। हीमोग्लोबिन की कमी के सामान्य लक्षणों में जल्दी थक जाना, चक्कर आना, सांस फूलना, चेहरे या होंठों का पीला पड़ना, हाथ-पैर ठंडे रहना और सिरदर्द शामिल हैं। इन संकेतों को नजरअंदाज करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की ओर ले जा सकता है।

हीमोग्लोबिन की कमी से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं?

हीमोग्लोबिन की कमी या एनीमिया लंबे समय तक रहने पर कई गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। सबसे आम समस्या शरीर में लगातार एनर्जी की कमी और थकान महसूस होना है। इससे हृदय (हार्ट) पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

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बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी विकास में रुकावट और पढ़ाई में ध्यान कम होने जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। प्रेग्नेंट महिलाओं में यह गर्भस्थ शिशु के विकास को प्रभावित कर सकती है और जन्म के समय जटिलताओं का खतरा बढ़ा सकती है। इसके अलावा कमजोरी, ध्यान न लगना, सिरदर्द और त्वचा का फीका पड़ना भी इस कमी से जुड़ा हो सकता है। इसलिए समय पर हीमोग्लोबिन का स्तर जांचना और उसे सामान्य बनाए रखना बहुत जरूरी है।

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हीमोग्लोबिन की कमी क्यों होती है?

हीमोग्लोबिन की कमी के कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारण शरीर में आयरन की कमी है, क्योंकि हीमोग्लोबिन बनाने के लिए आयरन जरूरी होता है। इसके अलावा फोलिक एसिड और विटामिन बी12 की कमी भी एनीमिया का कारण बन सकती है। महिलाओं में पीरियड्स या प्रेग्नेंसी के दौरान खून की अधिक कमी भी हीमोग्लोबिन को प्रभावित करती है। इसके अलावा, लगातार खून का नुकसान (चोट, घाव या अंदरूनी ब्लीडिंग) भी इसका कारण हो सकता है। कुछ पुरानी बीमारियां, जैसे किडनी डिजीज, थायरॉइड की समस्याएं और ऑटोइम्यून डिसऑर्डर भी हीमोग्लोबिन के स्तर को कम कर सकती हैं।

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हीमोग्लोबिन की कमी से बचाव कैसे करें?

संतुलित आहार: अपनी डाइट में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 युक्त चीजें शामिल करें। हरी सब्जियां, फल, दालें और साबुत अनाज इसके अच्छे स्रोत हैं।

नियमित ब्लड टेस्ट: समय-समय पर हीमोग्लोबिन का स्तर जांचें ताकि कमी जल्दी पता चल सके।

सावधानी प्रेगनेंसी और पीरियड्स में: खून की कमी के समय अतिरिक्त ध्यान रखें और डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लें।

सप्लीमेंट्स: डॉक्टर की सलाह के अनुसार आयरन या विटामिन सप्लीमेंट्स लें।

स्वस्थ जीवनशैली: पर्याप्त नींद लें, हल्की एक्सरसाइज या रोज टहलने की आदत डालें।

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हीमोग्लोबिन की कमी को हल्के में न लें। सही आहार, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। समय रहते सावधानी अपनाने से थकान, कमजोरी और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।  

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