17 AUGSATURDAY2019 9:13:35 PM
Nari

राखी की जगह हाथों में बंदूक लिए जब हुआ भाई व बहन का आमना-सामना, जानिए क्या है कहानी

  • Edited By khushboo aggarwal,
  • Updated: 14 Aug, 2019 11:21 AM
राखी की जगह हाथों में बंदूक लिए जब हुआ भाई व बहन का आमना-सामना, जानिए क्या है कहानी

रक्षा बंधन पर हर भाई अपनी बहन को उसकी रक्षा करने का वचन देते है। वहीं रक्षा बंधन से कुछ दिन पहले भाई बहन अपने दिए हुए इस वचन को भूल कर एक दूसरे के सामने बंदूक ताने खड़े थे। जी हां, यह कहानी सुकमा जिले की है, जो कि नक्सलवादियों से काफी प्रभावित है। इस जिले में आए दिन नक्सलियों व पुलिसों वाले के बीच मुठभेड़ होती है। कुछ दिन पहले भी ऐसी ही मुठबेड़ हुई, बस इसमें फर्क यह था कि एक तरह भाई पुलिस की वर्दी में बंदूक लिए खड़ा था तो दूसरी तरफ बहन नक्सलियों के साथ बंदूक लिए खड़ी थी। आइए बताते है आपको क्या थी पूरी कहानी 

क्या है यह मामला 

29 जुलाई को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने हमला किया था। जब पुलिस वालों को इस बारे में जानकारी मिली तो वह भी वहां पहुंच गए। जानकारी मिलने के बाद दोनों गुटों में काफी फायरिंग हुई, इससे के बाद नक्सली वहां से भाग गए थे। पुलिसकर्मियों की इस टीम में वेट्टी राम एक गाइड के तौर पर शामिल था वहीं दूसरी तरफ नक्सलियों के साथ उसकी बहन कन्नी थी। 

PunjabKesari,Sukma Encounter, Police brother, Naxalite Sister,Nari

पलक झपकते आखों से हुई ओझल

इसी मुठभेड़ में एक साथी ने वेट्टी राम को आवाज मारते हुए कहा कि वो देखों तेरी बहन कन्नी, इससे पहले वेट्टी उसे देखता कन्नी उसकी आंखों से ओझल हो गई थी। वेट्टी ने उसे आवाज भी मारी लेेकिन कन्नी अनसुना कर वहां से चली गई। उस समय उसे वह दिन याद आ रहा था जब उसकी बहन ने उसे राखी बांध कर उससे अपनी रक्षा की सौगंध ली थी।

PunjabKesari,Sukma Encounter, Police brother, Naxalite Sister,Nari

भाई ने किया था आत्मसमपर्ण

दोनो भाई बहन गगनपल्ली गांव के रहने वाले है। एक दिन नक्सवादी दोनों को अपने साथ ले गएथे, तब से वह उस संगठन के साथ काम करते थे। पुलिस की ओर से वेट्टी राम पर काफी बढ़ा इनाम रखा हुआ था, वहीं दूसरी तरह वेट्टी को नक्सलियों कि विचारधारा बहुत ही खराब लग रही थी। इसलिए तकरीबन एक साल पहले उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। तब वेट्टी पुलिस विभाग में सहायक आरक्षक के तौर पर काम कर रहा है।

PunjabKesari,Sukma Encounter, Police brother, Naxalite Sister,Nari

पत्र लिख समझाने की थी कोशिश

वेट्टी ने कन्नी को कई बार समझाने की कोशिश की है, उसने कहा कि वह नक्सलियों का साथ छोड़ कर वापिस आ जाए पर वह नही मानी। उन्होंने कई बार उनसे संगठन को छोड़ कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए कहा है, लेकिन वह नही मान रही है। उन्होंने कन्नी ने कहा कि उसका कोई भाई नही है। कट्टी के अनुसार वह इस बार रक्षा बंधन पर उससे अपील करता है कि वह मुख्य धारा में लौट आए। वह नक्सलियों का साथ छोड़ दें। 

 

लाइफस्टाइल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए डाउनलोड करें NARI APP

Related News

From The Web

ad